याददाश्त बढ़ाने के जबर्दस्त उपाय


भूलने की आदत इंसान की सबसे खराब आदतों में से एक है, क्योंकि इस आदत के कारण न सिर्फ खुद वो इंसान जिसे भूलने की समस्या है, परेशान हो जाता है, बल्कि उससे जुड़े दूसरे लोग भी कई बार परेशानी में पड़ जाते हैं। भूलने की समस्या लगभग हर उम्र के लोगों में पाई जाती है।भूलने का मुख्य कारण एकाग्रता की कमी है। अधिकतर समस्या रीकॉल करने में होती है,क्योंकि हमारे दिमाग को रीकॉल प्रोसेस के लिए जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, उनकी हमारे शरीर में कमी हो जाती है।
आमतौर पर ढलती उम्र के साथ मनुष्य की याददाश्त (स्मरणशक्ति) भी कमजोर होने की बात सुनने को मिलती है। यही वजह है कि बूढ़ों को काम याद रखने या किसी चीज को ढूंढने में मुश्किल होती है।
यदि आप भी कमजोर याददाश्ता जैसी समस्या से जूढ रहे हैं तो आप कुछ खास खाध्य पदार्थों का सेवन करके अपनी याददाश्त (स्मरणशक्ति) से जुड़ी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। यदि आप भी कमजोर याददाश्ता जैसी समस्या से जूढ रहे हैं तो आप कुछ खास खाध्य पदार्थों का सेवन करके अपनी याददाश्त (स्मरणशक्ति) से जुड़ी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।


बादाम

याददाश्त बनाए रखने और उसे दुरुस्त करने के लिए ड्राई फ्रूट्स मुख्य रूप से बादाम लाभदायक माना जाता है। बादाम में प्रोटिन, मैंगनीज, कॉपर और राइबोफ्लाविन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो अल्जाइमर और अन्य मस्तिष्क संबंधी रोगों से मुक्ति में कारगर भूमिका निभाते हैं। 
9 नग बादाम रात को पानी में भिगो दें। सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बना लें। अब एक गिलास दूध गर्म करें और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें। इसमें 3 चम्मच शहद भी डालें। दूध जब हल्का गर्म हो तब पिएं। यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न खाएं।
अखरोट
वैज्ञानिक दृष्टि से अखरोट दिमाग के लिए काफी फायदेमंद है और यह देखने में भी दिमाग जैसा ही होता है। अखरोट में एंटीऑक्सीडेंट व विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं। इसमें तीन दर्जन से अधिक न्यूरॉन ट्रांसमीटर को बनाने में मदद करता है, जो मस्तिष्क प्रक्रिया के लिए बहुत जरूरी होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मौजूद प्राकृतिक रसायनों को नष्ट होने से रोककर रोगों की रोकथाम करते हैं। रोजाना अखरोट के सेवन से याददाश्त बढ़ती है।
.ब्रह्मी
कमजोर याददाश्त को बुढ़ापे की निशानी माना जाता है, लेकिन बार-बार भूलने की समस्या केवल बूढ़ों के साथ ही नहीं, बल्कि जवान लोगों के साथ भी होती है। ब्रह्मी दिमागी ताकत बढ़ाने की मशहूर जड़ी-बूटी है। इसका एक चम्मच रस रोज पीना लाभदायक होता है। इसके 7 पत्ते चबाकर खाने से भी याददाश्त बढ़ती है।


कॉफी

जो लोग सुबह कॉफी पीते हैं, वे कॉफी न पीने वालों की तुलना में अधिक फुर्ती से अपने कार्य निपटा लेते हैं। यदि आप दोपहर में भी चुस्त रहना चाहते हैं तो कॉफी का सहारा लें। शोधकर्ताओं के अनुसार, कैफीन मस्तिष्क के उन हिस्सों को क्रियाशील करता है, जहां से व्यक्ति की सक्रियता, मूड और ध्यान नियंत्रित होता है।
अंडा
याददाश्ता को दुरुस्त करने और स्मरण शक्ति को बढ़ाने में अंडा भी अहम भूमिका निभाता है। अंडे में पाए जाने वाला पीला हिस्सा ब्रेन के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मछली की तरह अंडे में भी विटामिन बी एवं ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। इसके अलावा अंडे में लेसीथीन और सेलेनियम आदि भी होते हैं. जो आपके दिमाग को दुरुस्त करने के साथ-साथ उसकी कार्यक्षमता को भी बढ़ाने में मददागर होंगे।
सूरजमुखी के बीज
विटामिन ई और सी की पर्याप्त मात्रा एकाग्रता और स्मरण शक्ति के लिए फायदेमंद होती है। सूरजमुखी के बीज सहित बीज, विटामिन ई के अच्छे स्रोत होते हैं। सूखे भुने हुऐ एक औंस सूरजमुखी के बीज से सिफारिश की गई दैनिक खपत का लगभग 30 प्रतिशत होता है। अपने मस्तिष्क को बढ़ावा देने के लिए अपने सलाद पर इसे छिड़क कर खाये।
पालक
याददाश्त को बनाए रखने और उसे बढ़ाने में उपयोगी खाध्या पदार्थों में पालक सबसे महत्वपूर्ण है। पालक एक ऐसा नुस्का है जिसका इस्तेमाल सामान्य से सामन्य मनुष्य करके अपनी दिमागी कमजोरी को दुरुस्त कर सकता है। पालक में फोलेट या फोलिक एसिड होते हैं और उसे विटामिन बी 9 प्रचुर के नाम से जाना जाता है। इसी विटामिन की कमी के कारण मस्तिष्‍क संबंधी विकार उत्‍पन्‍न होने लगते हैं। इसके अलावा दिमाग के लिए जरूरी और फायदेमंद ओमेगा-3 फैटी एसिड की प्रचुर मात्रा पालक में होती है। इसके सेवन से आपकी याददाश्त, तर्क करने की शक्ति एवं कानसेंट्रेशन बढ़ती है।
दालचीनी
दालचीनी का तेल भी स्मरण शक्ति बढ़ाने में काफी प्रभावकारी होता है। यह तेल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिसकी वजह से आपका मस्तिष्क तेजी से काम करता है। यह तेल दिमाग को ठंडक पहुंचाता है। तनाव को कम करते हुए दिमाग को तेज-तर्रार बनाता है।
तुलसी
तुलसी को हिंदू धर्म में देवी का रूप माना गया है। इसका उपयोग मसाले के रूप में भी किया जाता है। यह कई बीमारियों में औषधि का काम करती है। रोजाना तुलसी के 2-4 पत्ते खाने से बार-बार भूलने की बीमारी दूर हो जाती है।
ग्रीन टी
हरी चाय एक स्वास्थ्यवर्धक पेय है। वैज्ञानिकों को मिले साक्ष्य के अनुसार, यह मस्तिष्क के लिए लाभदायक होती है। वैज्ञानिकों ने इसमें ऐसे रासायनिक तत्व पाए हैं, जो मस्तिष्क की कोशिका के उत्पादन, स्मृति में सुधार के साथ-साथ सीखने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं।
हल्दी
हल्दी दिमाग के लिए एक अच्छी औषधि है। यह सिर्फ खाने के स्वाद और रंग में ही इजाफा नहीं करती है, बल्कि दिमाग को भी स्वस्थ रखती है। इसके नियमित सेवन से अल्जाइमर रोग नहीं होता है। साथ ही, यह दिमाग की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को रिपेयर करने का भी काम करती है।
दही
दही में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज, लवण, कैल्शियम और फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। दही का नियमित सेवन करने से कई लाभ होते हैं। यह शरीर में लाभदायी जीवाणुओं की बढ़ोत्तरी करता है और हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है। इसमें अमीनो एसिड पाया जाता है, जिससे दिमागी तनाव दूर होता है और याददाश्त बढ़ती है।
अलसी का तेल
अलसी के तेल में भी ओमेगा 3 फैटी एसिड्स प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। अलसी का तेल एकाग्रता बढ़ाता है, स्मरण शक्ति तेज करता है और सोचने-समझने की शक्ति को भी बढ़ाता है।
काली मिर्च
काली मिर्च में पेपरिन नाम का रसायन पाया जाता है। यह रसायन शरीर और दिमाग की कोशिकाओं को रिलैैक्स करता है। डिप्रेशन में यह रसायन जादू-सा काम करता है। इसीलिए यदि आप अपने दिमाग को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो खाने में काली मिर्च का उपयोग करें।





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