एलोवेरा से तेजी से वजन कम करें


आज के समय में ज्यादातर लोग अपने बढ़ते हुए वजन की समस्या को लेकर परेशान रहते हैं. अपने वजन को कम करने के लिए लोग खाना-पीना तक छोड़ देते हैं. पर हम आपको बता दें की खाना ना खाने से वजन कम नहीं होता है, बल्कि आपको कमजोरी महसूस होने लगती है. अगर आप अपने वजन को कम करना चाहते हैं तो आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से आप अपने वजन को आसानी से कम कर सकते हैं.
हम सभी जानते हैं कि घर में लगा कांटेदार एलोवेरा हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिये कितना ज्‍यादा लाभकारी है। ऐलोवेरा बालों, चेहरे तथा शरीर के लिये काफी लाभकारी है। पर क्‍या आप जानते हैं कि एलोवेरा जैल वजन को कम करने के भी काम आ सकता है। एलोवेरा जैल को आप पानी, जूस या उसकी स्‍मूदी बना कर दिन में कई बार पी सकते हैं। एलोवेरा कई पोषक तत्‍वों से भरा है। इसमें 75 एक्‍टिव विटामिन्‍स, मिनरल्‍स, एंजाइम्‍स, काबोहाइड्रेट्स, अमीना एसिड, सेलिसिलिक एसिड और फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। ये सभी चीज़ें आपका वजन बड़ी आसानी से और बिना पैसे खर्च किये कम करेंगी। अगर आप नियमित तौर पर एलोवेरा जूस का सेवन करेंगे तो आपका ना केवल मोटापा घटेगा बल्‍कि शरीर की अन्‍य बीमारियां भी दूर हो जाएंगी। आइये जानते हैं कि एलोवेरा को आप किन-किन चीज़ों के साथ मिक्‍स कर के पी सकते हैं, जिससे आपका मोटापा जल्‍दी खतम हो सके।
Aloe Vera Juice For Weight Loss: अगर आप काफी समय से वजन कम करना चाहते हैं, तो यकीनन अब तक आप वजन कम करने के लिए भोजन के बारे में बहुत कुछ जान चुके होंगे. वजन कम (Weight Loss) करने से जुड़े फूड, वेट लॉस डाइट और उनके शरीर और स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव के बारे में आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए. हालांकि, ऐसा भी होता है कि कई बार आप एक्सरसाइज और डाइट दोनों को आजमा लेते हैं, लेकिन इसके बाद भी नतीजे नहीं मिलते. कई बार यह काफी डिमोनेटिव हो सकता है और कुछ ही समय में आपका मनोबल गिरा सकता है. अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है तो परेशान न हों. आपको बस इतना करना है कि वजन कम करने में मदद करने के लिए कुछ डाइटरी ट्विक बनाएं और इस हेल्दी ड्रिंक को अपने रोजमर्रा के आहार में शामिल करें.
How To Use Aloe Vera To Lose Weight:

एलोवेरा जूस (Aloe Vera Juice) एक ऐसा पेय है जो प्राकृतिक रूप से पेट की चर्बी को कम करने में आपकी मदद कर सकता है. एलोवेरा या घृतकुमारी विभिन्न आयुर्वेदिक नुस्खों, टॉनिक और दवाओं का हिस्सा रहा है. आयुर्वेद विशेषज्ञ, डॉ. आशुतोष गौतम के अनुसार, "एलोवेरा में कई बीमारियों के इलाज की क्षमता है और यह शरीर को संपूर्ण पोषण प्रदान करता है."
सोते समय इस पेय का सेवन आपके शरीर के चयापचय को बढ़ावा देने का एक अच्छा तरीका है, जो आपके वजन घटाने के कार्यक्रम की गति को और तेज करेगा. अगर आपको एलोवेरा जूस का स्वाद पसंद नहीं है, तो आप इसे अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें थोड़ा सा शहद भी मिला सकते हैं.
How to Drink Aloe to Lose Weight: वजन घटाने को बढ़ावा देने में पाचन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और एलोवेरा का रस पाचन को बढ़ावा देने और पेट से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के काम आ सकता है.

एलोवेरा और नींबू एलोवेरा की जैली को एक गिलास में निकाल कर उसमें नींबू, पानी और थोड़ी सी शहद मिक्‍स कर के पी लें। नियमित रूप से पीने पर मोटापा कम होता है।
एलोवेरा और शहद एक गिलास एलोवेरा जूस में 1 चम्‍मच शहद मिक्‍स करें। इसे अच्‍छे से चलाएं और पी लें। इसे नियमित रूप से पीने पर मेटाबॉलिज्‍म बढ़ता है, पेट ठीक रहता है और अत्‍यधिक फैट बर्न होता है।




सामान्य रोगों के घरेलू ,आयुर्वेदिक नुस्खे


                                                   

अक्सर घर के बुजुर्गों के पास ही हर समस्या का समाधान मिल जाया करता है, जो रामबाण इलाज होता है। ऐसी ही कुछ छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जि‍न्हें इन घरेलू नुस्खों से ठीक किया जा सकता है-
* दांत दर्द - हल्दी एवं सेंधा नमक महीन पीसकर, उसे शुद्ध सरसों के तेल में मिलाकर सुबह-शाम मंजन करने से दांतों का दर्द बंद हो जाता है।
*बच्चों के पेट के कीड़े - छोटे बच्चों के पेट में कीड़े हों तो सुबह एवं शाम को प्याज का रस गरम करके 1 तोला पिलाने से कीड़े अवश्य मर जाते हैं। धतूरे के पत्तों का रस निकालकर उसे गरम करके गुदा पर लगाने से चुन्ने (लघु कृमि) से आराम हो जाता है।
*कान दर्द - प्याज पीसकर उसका रस कपड़े से छान लें। फिर उसे गरम करके 4 बूंद कान में डालने से कान का दर्द समाप्त हो जाता है।
*छोटे बच्चों को उल्टी दस्त - पके हुए अनार के फल का रस कुनुकुना गरम करके प्रात:, मध्यान्ह एवं सायं को 1-1 चम्मच पिलाने से शिशु-वमन अवश्य बंद हो जाता है।
* गिल्टी का दर्द - प्याज पीसकर उसे गरम कर लें। फिर उसमें गो-मूत्र मिलाकर छोटी-सी टिकरी बना लें। उसे कपड़े के सहारे गिल्टी पर बांधने से गिल्टी का दर्द एवं गिल्टी समाप्त हो जाती है।
* दांतों के सुराख - कपूर को महीन पीसकर दांतों पर उंगली से लगाएं और उसे मलें। सुराखों को भली प्रकार साफ कर लें। फिर सुराखों के नीचे कपूर को कुछ समय तक दबाकर रखने से दांतों का दर्द निश्चित रूप से समाप्त हो जाता है।
*कान की फुंसी - लहसुन को सरसों के तेल में पकाकर, उस तेल को सुबह, दोपहर और शाम को कान में 2-2 बूंद डालने से कान के अंदर की फुंसी बह जाती है अथवा बैठ जाती है तथा दर्द समाप्त हो जाता है।
*कुकुर खांसी - फिटकरी को तवे पर भून लें और उसे महीन पीस लें। तत्पश्चात 3 रत्ती फिटकरी के चूर्ण में समभाग चीनी मिलाकर सुबह, दोपहर और शाम को सेवन करने से कुकुर खांसी ठीक हो जाती है।
* कब्ज दूर करने हेतु - 1 बड़े साइज का नींबू काटकर रात्रिभर ओस में पड़ा रहने दें। फिर प्रात:काल 1 गिलास चीनी के शरबत में उस नींबू को निचोड़कर तथा शरबत में नाममात्र का काला नमक डालकर पीने से कब्ज निश्चित रूप से दूर हो जाता है।
* पेशाब की जलन - ताजे करेले को महीन-महीन काट लें। पुन: उसे हाथों से भली प्रकार मल दें। करेले का पानी स्टील या शीशे के पात्र में इकट्ठा करें। वही पानी 50 ग्राम की खुराक बनाकर 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) पीने से पेशाब की कड़क एवं जलन ठीक हो जाती है।
*सिरदर्द - सोंठ को बहुत महीन पीसकर बकरी के शुद्ध दूध में मिलाकर नाक से बार-बार खींचने से सभी प्रकार के सिरदर्द में आराम होता है।
*पेशाब में चीनी (शकर)- जामुन की गुठली सुखाकर महीन पीस डालें और उसे महीन कपड़े से छान लें। अठन्नीभर प्रतिदिन 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) ताजे जल के साथ लेने से पेशाब के साथ चीनी आनी बंद हो जाती है। इसके अतिरिक्त ताजे करेले का रस 2 तोला नित्य पीने से भी उक्त रोग में लाभ होता है।
*जुकाम - 1 पाव गाय का दूध गरम करके उसमें 12 दाना कालीमिर्च एवं 1 तोला मिश्री- इन दोनों को पीसकर दूध में मिलाकर सोते समय रात को पी लें। 5 दिन में जुकाम बिलकुल ठीक हो जाएगा अथवा 1 तोला मिश्री एवं 8 दाना कालीमिर्च ताजे पानी के साथ पीसकर गरम करके चाय की तरह पीयें और 5 दिन तक स्नान न करें।
*मंदाग्नि - अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके नींबू के रस में डालकर और नाममात्र का सेंधा नमक मिलाकर शीशे के बर्तन में रख दें। 5-7 टुकड़े नित्य भोजन के साथ सेवन करें, मंदाग्नि दूर हो जाएगी।
* खूनी दस्त - 2 तोला जामुन की गुठली को ताजे पानी के साथ पीस-छानकर, 4-5 दिन सुबह 1 गिलास पीने से खूनी दस्त बंद हो जाता है। इसमें चीनी या कोई अन्य पदार्थ नहीं मिलाना चाहिए।



* मोटापा दूर करना - 1 नींबू का रस 1 गिलास जल में प्रतिदिन खाली पेट पीने से मोटापा दूर हो जाता है। ऐसा 3 महीने तक निरंतर करना चाहिए। गर्मी एवं बरसात के दिनों में यह प्रयोग विशेष लाभदायक होता है।
*पेट के केंचुए एवं कीड़े - 1 बड़ा चम्मच सेम के पत्तों का रस एवं शहद समभाग मिलाकर प्रात:, मध्यान्ह एवं सायं को पीने से केंचुए तथा कीड़े 4-5 दिन में मरकर बाहर निकल जाते हैं।
*आग से जल जाने पर - कच्चे आलू को पीसकर रस निकाल लें, फिर जले हुए स्थान पर उस रस को लगाने से आराम हो जाता है। इसके अतिरिक्त इमली की छाल जलाकर उसका महीन चूर्ण बना लें, उस चूर्ण को गो-घृत में मिलाकर जले हुए स्थान पर लगाने से आराम हो जाता है।
* फोड़े - नीम की मुलायम पत्तियों को पीसकर गो-घृत में उसे पकाकर (कुछ गरम रूप में) फोड़े पर हल्के कपड़े के सहारे बांधने से भयंकर एवं पुराने तथा असाध्य फोड़े भी ठीक हो जाते हैं।
*अधकपारी का दर्द - 3 रत्ती कपूर तथा मलयागिरि चंदन को गुलाब जल के साथ घिसकर (गुलाब जल की मात्रा कुछ अधिक रहे) नाक के द्वारा खींचने से अधकपारी का दर्द अवश्य समाप्त हो जाता है।
*मस्तिष्क की कमजोरी - मेहंदी का बीज अठन्नीभर पीसकर शुद्ध शहद के साथ प्रतिदिन 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) सेवन करने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर हो जाती है और स्मरण शक्ति ठीक होती है तथा सिरदर्द में भी आराम हो जाता है।