एक्जीमा के घरेलू ,हर्बल उपचार


एक्जिमा एक त्वचा सम्बन्धी रोग है। यह रोग पूरे विश्व में फैला हुआ है। इस रोग में पीड़ित की त्वचा में खुजली और लाल चकत्ते पड़ जाते है। यह बीमारी कुछ हद तक छुआछूत (संक्रमण) से भी फैलती है। बताते हैं एक्जिमा (त्वचा रोग) का घरेलु उपचार।
एक्जिमा बीमारी होने के कारण

शरीर में खून की खराबी के कारण यह बीमारी होती है। यह बीमारी बहुत तेज़ी से शरीर में फैलती है। यह बीमारी सफाई नहीं रखने और भोजन में लापरवाही बरतने से कई सालो तक रहती है। यह रोग संक्रमित होता है। यह बीमारी कब्ज और गैस बन जाने से भी होती है।

एक्जिमा के लक्षण

*इस बीमारी में रोगी के ज्यादा खुजली करने पर लाल चक्कते वाली जगह फोड़े और फुंसी का रूप ले लेती है। त्वचा के उस भाग में पस भर जाती है। जिससे बीमारी घातक रूप ले लेती है।
*त्वचा में बहुत जलन होती है।
*इस रोग में रोगी आराम पाने के लिए खुजली करता है। जैसे-जैसे वह खुजली करता है वैसे-वैसे यह रोग बढता जाता है।
*इस बीमारी में त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ने के साथ-साथ खुजली भी होती है।
*त्वचा खुरदुरी और शुष्क हो जाती है।


*त्वचा बैक्टीरिया संक्रमण के लिए अधिक संवेदनशील हो जाती है। जिससे रोगी की त्वचा को नुक्सान पहुच सकता है।
*यह बीमारी खास तौर पर गर्दन पर, हाथ-पैर की उँगलियों में, कान के पीछे, पैर के निचले हिस्से पर अधिक होती है।

एक्जिमा रोग के घरेलु उपचार

*प्याज के बीजों को पीसकर लेप लगाने से आठ से दस सप्ताह में यह बीमारी समाप्त हो जाती है।
*तुलसी के पत्ते का रस देसी घी में मिलाकर किसी कांसे के बर्तन में मिलाकर रोगी को लगाने से लाभ मिलता है।
*नारियल का तेल और कपूर दोनों एक साथ मिलाकर एक्जिमा वाली जगह पर लगाने से भी इस रोग में आराम मिलता है।
*इस रोग में रोज नीम के पत्ते को पानी में उबालकर या पानी में थोडा डिटोल डालकर नहाना चाहिए।
*खाने में खट्टें-मीठे चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
*रोगी को खून साफ़ करने वाली औषधियों का उपयोग करना चाहिए।
*नीम के पत्तों का रस निकालकर उसमे मिश्री के साथ पीने से रोगी का रक्त साफ़ होता है। ऐसा करने से इस बीमारी से निजात मिलती है।

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