19.11.17

मोतियाबिंद का आपरेशन के बाद जरूरी सावधानियाँ// Precautions after cataract operation



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आंखों में मोतियाबिंद का उतरना एक आम प्रक्रिया है जो कई बार कम उम्र में भी लोगों को शिकार बना लेती है। आज चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में इतनी उन्न्ति हो चुकी है कि मोतियाबिंद की सर्जरी बहुत कम समय में और कम पीड़ा के साथ आसानी से हो जाती है। जरूरत है तो बस ऑपरेशन के बाद कुछ खास बातों को ध्यान में रखने की।
अतीत रखता है मायने
जाहिर है कि किसी भी तरह की सर्जरी के बाद रिकवर होने यानी स्वस्थ होने में लगने वाला समय आपकी शारीरिक अवस्था पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। यानी जितना आप अपने शरीर का ध्यान रखेंगे, आपको सर्जरी के परिणाम उतने ही अच्छे मिलेंगे। शोध कहते हैं कि जो लोग हमेशा अपनी फिटनेस और हाइजीन का ध्यान रखते हैं वे बाकि लोगों की तुलना में जल्दी ठीक होते हैं और उन्हें सर्जरी के परिणाम भी ज्यादा अच्छे मिलने की सम्भावना होती है।


इतना ही नहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सर्जरी के करीब एक महीने पहले से भी मरीज पोषक खाने और हल्के-फुलके व्यायाम करने के साथ ही अच्छी नींद सोने का रूटीन बनाता है तो इससे सर्जरी के परिणामों पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही यदि डॉक्टर ने आपको मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए कहा है तो फिर इसमें देर न करें वरना यह आंखों को और भी नुकसान पहुंचा सकता है।


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सर्जरी के बाद ये जरूर करें
कम से कम आधे घंटे का आराम हॉस्पिटल में ही।
यदि आपके डॉक्टर ने इससे ज्यादा देर आराम करने का निर्देश दिया हो तो वैसा ही करें
अकेले घर जाने या गाड़ी चलाने के बारे में बिलकुल न सोचें। यदि इसमें कोई समस्या है भी तो किसी विश्वासपात्र को साथ जरूर रखें
डॉक्टर के निर्देशों को ध्यान से सुनें और उनपर पूरी तरह अमल करें। यदि याद न रख सकते हों तो कहीं लिख लें
आंखों की सर्जरी के बाद
आमतौर पर सर्जरी के बाद थोड़े बहुत दर्द के लिए दर्दनिवारक दवा दी जाती है लेकिन यदि दर्द इससे भी कंट्रोल न हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें। इसके अलावा अगर आंखों में जलन, तेज खुजली या किसी प्रकार का बहाव हो तो भी तुरंत डॉक्टर को बताएं। यूं थोड़ी खुजली, रोशनी से परेशानी और आंखों में थोड़ी दिक्कत ऑपरेशन के बाद आम बात है लेकिन यदि यह ज्यादा बढ़े तो नजरअंदाज न करें :
ऑपरेशन के बाद दौड़भाग वाले खेल, ड्राइविंग, जॉगिंग आदि से कुछ समय दूर रहें।



ऑपरेशन के बाद दिए गए काले रंग के चश्मे आंखों को तेज लाइट के अलावा धूल से बचाने के भी काम में आते हैं। इसका उपयोग जब तक डॉक्टर कहें दिन में पूरे समय करें।
चश्मे के अलावा एक शील्ड भी ऑपरेशन के बाद प्रयोग में लाने के लिए दी जाती है। इसे रात को सोते समय कम से कम डेढ़ हफ्ते जरूर उपयोग में लाएं। इससे आंखों पर प्रेशर पड़ने से बचाया जा सकता है।
सर्जरी के पहले कुछ दिनों तक आपको देखने में तकलीफ आ सकती है इसलिए सावधानी रखें और आंखों पर बेवजह का दबाव डालने से बचें, सर्जरी के कुछ समय बाद तक नीचे झुकने या भारी सामान उठाने से बचें।
आंखों को धोने, नहाने आदि के बारे में डॉक्टर की सलाह लें और चेहरे पर सीधे पानी डालने से बचें। स्वीमिंग, बहुत देर कंप्यूटर या मोबाइल पर समय बिताने जैसी एक्टिविटीज से भी कुछ समय दूर रहें।
डॉक्टर द्वारा दी गई आईड्रॉप्स नियमित और सावधानी से डालें और आंखों की सफाई के बारे में डॉक्टर से पूछ कर कदम बढ़ाएं।
धूल, धुएं, आई मेकअप आदि से बचें।
ज्यादातर मामलों में इस सर्जरी के बाद खाने पर कोई प्रतिबन्ध या किसी तरह का परहेज नहीं होता लेकिन यदि डॉक्टर ने किसी कारण से किसी विशेष पदार्थ को खाने पर प्रतिबन्ध लगाया है तो उसे बिलकुल न खाएं।



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