29.8.17

शुगर रोगी खा सकते हैं ये फल// Sugar patients can eat these fruits



  

  फल पोषण और ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है। हालांकि हर फल में एंटीऑक्सीडेंट और पौष्टिक तत्व की मात्रा अलग-अलग होती है। इससे होने वाला फायदा व्यक्ति के शरीर की जरूरतों पर निर्भर करता है। अगर कोई मधुमेह से पीड़ित है तो अलग-अलग फल शरीर में ब्लड सूगर लेवल को अलग-अलग मात्रा में बढ़ाता है। अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि आप उन फलों के सेवन से बचें, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देता है।
यदि आप मधुमेहर रोगी हैं तो, जाहिर सी बात है कि आपके दिमाग में यह एक सवाल जरुर आया होगा कि क्‍या हम फल का सेवन कर सकते हैं? एक्‍सपर्ट बोलते हैं कि मधुमेह रोगी भी फल का सेवन कर सकते हैं लेकिन सही मात्रा में। ऐसे फल जैसे, केला, लीची, चीकू और कस्‍टर्ड एप्‍पल आदि से बचना चाहिये।
    ज्यादातर फलों को ब्लड शुगर लेवल में बदलाव लाने की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। मधुमेह के रोगी किसी भी फल को खाने से पहले उसका जीआई इंडेक्स वैल्यू जरूर देख लें। जीआई का अर्थ होता है ग्लाइकेमिक इंडेक्स। अगर यह 55 या उससे कम है तो मधुमेह के रोगी इसे खा सकते हैं। स्ट्रॉबेरी, नाशपाती और एप्पल ऐसे कुछ फल हैं जिनमें कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में होता है और इसे मधुमेह के रोगी खा सकते हैं।
   


आज हम आपको कुछ ऐसे  फल बताने जा रहे हैं, जिसका सेवन आप आराम से कर सकते हैं। दरअसल, मधुमेह के रोगियों को रेशेदार फल, जैसे तरबूज, खरबूजा, पपीता, सेब और स्ट्राबेरी आदि खाने चाहिए। इन फलों से रक्त शर्करा स्तर नियंत्रित होता है इसलिये इन्‍हें खाने से कोई नुकसान नहीं होता।
   मधुमेह रोगियों को फलो का रस नहीं पीना चाहिये क्‍योंकि एक तो इसमें चीनी डाली जाती है और दूसारा कि इसमें गूदा हटा दिया जाता है, जिससे शरीर को फाइबर नहीं मिल पाता। तो आइये जानते हैं कि मधुमेहर रोगियों को कौन-कौन से फलों का सेवन करना चाहिये।



जामुन-
यह फल मधुमेह रोगी के लिए अच्छा फल माना जाता है। ये ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में आपकी काफी मदद करता है। इस फल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। हालांकि इस फल का सीजन काफी छोटा होता है। जामुन के मौसम में रोजाना तरकीबन 6 जामुन खाएं, इससे आपको फायदा ही होगा। साथ ही आप जामुन की गुठलियों को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर रख लें, इसका सेवन आप सालभर कर सकते हैं।
सेब-

इस फल के बारे में मधुमेह को लेकर लोगों में काफी भ्रम है। सेव में कैलोरी बहुत कम होती है और फाइबर ज्यादा होता है। मधुमेह के रोगी एक छोटी सेव रोज खा सकता है। ग्रीन एप्पल ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।सेब में एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।
अनानास-
शुगर के मरीज अनानास  खा सकते हैं। अनानास में कैलोरी और ग्लाइसेमिक इंडेक्स दोनों ही काफी कम होता है। इसे खाने से ग्लूकोज अचानक नहीं बढ़ता। मधुमेह के मरीज इसके दो तीन टुकड़े खा सकते हैं।
इसमें एंटी बैक्‍टीरियल तत्‍व होने के साथ ही शरीर की सूजन कम करने की क्षमता होती है। यह शरीर को पूरी तरह से फायदा पहुंचाता है।
पपीता-

पपीता में मीठेपन के अलावा भी कई सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, विशेष रूप से विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा। मधुमेह के मरीज को भी इन पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इसलिए वो पपीता खा सकते हैं। लेकिन पपीता सीमित मात्रा में ही खाएं।इसमें विटामिन और अन्‍य तरह के मिनरल होते हैं।अंजीर
इसमें मौजूद रेशे मधुमेह रोगियों के शरीर में इंसुलिन के कार्य को बढावा देते हैं।
संतरा-
यह फल मधुमेह रोगी के लिए अच्छा होता है।इसमें विटामिन सी और फाइबर की अच्छी खासी मात्रा होती है। यह फल आपका ब्लड ग्लूकोज लेवल कम करता है और इंसुलिन बढ़ाता है। मधुमेह के रोगी रोजाना एक संतरा खा सकता हैं।

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आमला-
इस फल में विटामिन सी और फाइबर होता है जो‍ कि मधुमेह रोगी के लिये अच्‍छा माना जाता है।
नाशपाती-
नाशपाती इसमें काफी ज्यादा फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होता है। मानसून के दिनों में बाजार में नाशपाती की बहार आ जाती है। ये फल ज्यादा महंगा नहीं होता, लेकिन ये आपका पेट भी देर तक भरा रख सकता है। ज्यादा तो नहीं, लेकिन आप आधी नाशपाती हर रोजाना खा सकते हैं।
अनार-
यह फल भी बढे हुए ब्‍लड शुगर लेवल को कम करने में असरदार है।
तरबूज-
यदि इसे सही मात्रा में खाया जाए तो यह फल मधुमेह रोगियों के लिये अच्‍छा साबित होगा।
अंगूर-
अंगूर का सेवन मधुमेह के एक अहम कारक मेटाबोलिक सिंड्रोम के जोखिम से बचाता है। अंगूर शरीर में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है।
खरबूज-
इसमें ग्‍लाइसिमिक इंडेक्‍स ज्‍यादा होने के बावजूद भी फाइबर की मात्रा अच्‍छी होती है इसलिये यदि इसे सही मात्रा में खाया जाए तो अच्‍छा होगा।
कटहल-
यह फल इंसुलिन लेवल को कम करता है क्‍योंकि इसमें विटामिन ए, सी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, कैल्‍शियम, पौटैशियम, आयरन, मैग्‍नीशियम तथा अन्‍य पौष्टिक तत्‍व होते हैं।
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