14.7.17

स्त्रियों के मासिक धर्म (पीरियड्स) की विस्तृत जानकारी //Detailed information about menstrual periods




     पीरियड जिसे आम बोल चाल के भाषा में माहवारी और मासिक-धर्म के नाम से भी जानते है | ईश्वर के द्वारा पुरुष और स्त्रियो में कई विषमताएं बनायीं गयी है इन्हीं विषमताओं में से एक हैं स्त्रियों में मासिक-धर्म ।
हमारे समाज में कई लोगो को यह जानने की खासी उत्सुकता रहती है की लड़कियों में मासिक धर्म कब और कैसे शुरू होता है । आज हम माहवारी से जुड़े ऐशे कई अनसुलझे सवालो के जवाब बताने जा रहे हैं जिनके बारे में आपको पहले से नहीं पता होगा ।
मासिकधर्म (अथवा माहवारी) पीरियड क्‍या है? |
    मासिक-धर्म महिलाओ में होने वाली सामान्य शारीरिक गतिविधि है । महिलाओं को भी माहवारी के दौरान खुद अपने शरीर को समझने में परेशानी आती है । जब कोई लड़की पैदा होती है, तो उसके अण्‍डाशयों में पहले से लाखों अपरिपक्‍व अण्‍डाणु मौजूद होते हैं। जवान होने पर, उनमें से दसियों अण्‍डे महीने में एक बार हार्मोन उत्तेजित (हार्मोनल स्टिमुलेशन) होने की वजह से विकसित होने शुरू हो जाते है । महिलाओं के शरीर में चक्रीय (साइक्लिकल) हार्मोस में होने वाले बदलावों की वज़ह से गर्भाशय से नियमित तौर पर ख़ून और अंदरुनी हिस्से से स्राव होना मासिकधर्म (अथवा माहवारी) कहलाता है । आमतौर पर, प्रत्‍येक चक्र के दौरान अण्‍डाशय में केवल एक ही अण्‍डा परिपक्‍व होता है और गर्भाशय में छोड़ा जाता है (जिसे अण्‍डोत्‍सर्ग कहा जाता है) उसी समय, गर्भावस्‍था की तैयारी में गर्भाशय का भीतरी हिस्सा मोटा होना शुरू हो जाता है। यदि यह अण्‍डाणु निषेचित नहीं होता, तो यह गर्भाशय के भीतरी हिस्से के अतिरिक्‍त ऊतकों के साथ माहवारी ख़ून के रूप में योनि से निकलना शुरू हो जाता है। इसके बाद अगला माहवारी चक्र फिर से शुरू हो जाता है ।



माहवारी किस उम्र में शुरू और बंद हो जाती है?

माहवारी शुरू होने और बंद होने का कोई निश्चित उम्र शीमा नहीं है । यह स्त्री विशेष में क्षेत्रीय वातावरण और रहन सहन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है । अमूमन माहवारी के शुरू होने की जो सामान्य समय शीमा है वह 11-12 वर्ष है। अधिकतर महिलाओं की प्राकृतिक रज्‍जोनिवृत्ति यानि की माहवारी बंद 45-55 वर्ष की आयु में हो जाती है। इस आयु में, माहवारी आना हमेशा के लिए बंद हो जाती है (रज्‍जोनिवृत्ति हो जाती है) और इसके बाद महिलाएं बच्‍चे पैदा करने में सक्षम नहीं रहती।
मासिक धर्म की अनियमितता 
सभी महिलाओं को प्रत्‍येक महीने माहवारी नहीं आती । जिन लड़कियों की माहवारी हाल ही में शुरू हुई और जो महिलाएं रज्‍जोनिवृत्ति की आयु पर पहुंचने वाली हैं, उनको अनियमित माहवारी आ सकती है । किसी महिला का चक्र उसकी स्थितिके अनुसार अलग-अलग हो सकता है
एक माहवारी चक्र 21-35 दिनों का हो सकता है। चक्र की अवधि से तात्‍पर्य है, माहवारी आने के पहले दिन से लेकर अगली माहवारी आने के पहले दिन तक की अवधि
उदाहरण के लिए:
पिछली माहवारी का पहला दिन: 1 January
मौजूदा माहवारी का पहला दिन: 29 January
चक्र की अवधि: 28 दिन
कुछ परिस्थितियों की वजह से माहवारी अनियमित हो सकती है। इनमें शामिल है:
-स्‍थाई (क्रॉनिक) बीमारियां होना, हार्मोन संबंधी विकार होना (उदाहरण के लिए पॉलिसि‍स्टिक ओवरी सिंड्रम, थायराइड बीमारी आदि)



-गर्भाशय के अंदरुनी हिस्से विकार, पौलिप्स, सरविक्स अथवा योनि के संक्रमण, अथवा योनि के कैंसर आदि की वजह से दो माहवारियों के बीच में योनि‍ से रक्‍त-स्राव हो सकता है। इसकी वजह से ‘अनियमित माहवारी’ आने का भ्रम हो सकता है

 कुछ दवाएं लेना (उदाहरण के लिए गर्भनिरोधक इंजेक्‍शन लेना)
- मादक पदार्थों का सेवन करना
- स्‍तनपान कराना
- वज़न सामान्‍य से अधिक अथवा कम होना
- खान-पान संबंधी विकार होना (उदाहरण के लिए एनोरेक्सिया नर्वोसा होना)
- बहुत अधिक कसरत करना
- तनाव होना
पीरियड प्रत्येक 28 दिनों पर आना जरुरी है ?
माहवारी का चक्र महिला-महिला पर निर्भर करता है । समान्यतः माहवारी का चक्र 20 दिनों से लेकर 35 दिनों के बीच हो सकता है। माहवारी आने में थोड़ी देरी हो जाए तो इसका मतलब यह नहीं की आप गर्भवती हैं। यदि आपका पीरियड तय समय से थोड़ा देरी से आता है तो इसे लेकर आपको घबड़ाने की जरूरत नहीं है।
माहवारी का दर्द क्‍या है? 
माहवारी का दर्द आमतौर पर माहवारी शुरू होने के कुछ समय पहले अथवा माहवारी शुरू होने पर होता है। आमतौर पर पेट के निचले हिस्‍से में हल्‍के से लेकर तेज़ पेट दर्द महसूस होता है । दर्द की वजह से पेट में गड़बड़ी हो सकती है, जैसे कि उल्‍टी आना अथवा पतला मलत्‍याग करना आमतौर पर भारी रक्‍तस्राव होने की स्थिति में तेज़ दर्द होता है ।
मासिकधर्म (अथवा माहवारी) पीरियड के लक्षण 
यदि आपको निम्‍नलिखित में से कोई लक्षण दिखाई दे, तो अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें:
*आपकी आयु 16 वर्ष हो चुकी हो और आपको माहवारी आनी शुरू नहीं हुई है




* आपकी आयु 45 वर्ष से कम है और आपको एक वर्ष से माहवारी नहीं हुई है
* माहवारी के दौरान तेज़ दर्द होना / पेट दर्द होना
* मासिक चक्र 21 दिन से कम अवधि का होना
* बहुत अधिक माहवारी आना
* आपकी माहवारी अचानक से अनियमित हो गई है
* दो माहवारियों के बीच में योनि से रक्‍तस्राव होना
* संभोग के बाद योनि से ख़ून निकलना
* आपको माहवारी आना बंद हुए एक साल होने के बाद योनि से ख़ून निकलना
* 40 वर्ष की आयु में अथवा इसके बाद माहवारी के दौरान दर्द होना शुरू होना
क्या माहवारी के समय आप गर्भधारण नहीं कर सकतीं?
यह धारणा बिल्कुल गलत है । आप के समयधर्म  भी गर्भधारण कर सकती हैं। उन महिलाओं का जिनका महावारी चक्र 28 दिनों से कम होता है, उन्हें गर्भधारण की संभावना अधिक होती है।
माहवारी के समय सेक्स नहीं करना चाहिए?
ज्यादातर लोग माहवारी के समय अपने पार्टनर के साथ सेक्स करना पसंद नहीं करते । लेकिन सुरक्षित तरीके से सावधानी पूर्वक माहवारी के समय सेक्स करने से आपको ऐंठन/मरोड़ से आराम मिलता है। शोध के मुताबिक माहवारी के समय सेक्स करने से दर्द में कमी आती है।
कॉटन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?
कई लोगों का मानना है कि कुंवारी लड़कियों को कॉटन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भ्रांति यह भी है कि यदि कोई कुंवारी कॉटन का इस्तेमाल करती है तो उसका कौमार्य नष्ट हो जाता है। लेकिन वर्जिन उसे माना जाता है जिसने यौन शुचिता खोई न हो। तो ऐसे में कॉटन के इस्तेमाल और वर्जिनिटी खोने में कोई संबंध नहीं है।

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