Sunday, July 2, 2017

सुंदर दिखने के आसान तरीके :श्री श्री रविशंकर के पांच उपाय



    


   श्री श्री रविशंकर का कहना है कि सौंदर्य एक आंतरिक घटना है। सुंदरता किसी वस्तु में नहीं है, न ही लोगों में, न ही देखने वाले की आंखों में, यह तो प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में है। यही हृदय की सुंदरता ही व्यक्ति के चेहरे पर चमक के रूप में दिखाई देती है।
सुंदरता से अभिप्राय केवल शरीर की सुंदरता से ही नहीं है। फिर भी हमारी त्वचा इस सुंदरता की सबसे प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति में से एक है।
दरअसल हम पदार्थ और चेतना दोनो से ही बने हैं। इसका अभिप्राय यह कि हमारा शरीर बाहरी त्वचा के अलावा भी भरपूर गतिविधि से भरा हुआ है। शरीर के किसी अन्य अंग की भांति इसे भी रक्षा की आवश्यक्ता व स्वस्थ रखने की जरूरत है। अधिकांश सौंदर्य उपचार जो आजकल उपल्बध हैं वह केवल शरीर की उपरी त्वचा को ही निखारते हैं लेकिन आपकी भीतरी त्वचा का प्रत्येक सेल कैसे उर्जित हो इस बारे में कुछ नहीं बताती।
हमारी त्वचा उम्र के साथ साथ ढलती जाती है। शरीर के प्रति कम ध्यान देने की वजह और तनाव के कारण काले धब्बे, सूखे निशान, मुंहासे, थकान आदि सब कुछ अनचाहा हमारे सामने आने लगता है। हांलाकि त्वचा की सफाई व कायाकल्प के लिए बहुत से प्राकृतिक व सामान्य तरीके हैं:



पसीना निकालें-

कुछ राउंड जॉगिंग करने व सूर्य नमस्कार करने के बाद आपके शरीर का रक्त संचार बढ़ जाएगा और आपको पसीना आने लगेगा। पसीना आपके शरीर के लिए अच्छा है। पसीना आने के बाद शरीर को ठंडे पानी से धोने का ध्यान अवश्य रखें।
सही तरीके से सांस लें-
क्या आप जानते हैं कि सही प्रकार से सांस लेना आपकी त्वचा से धब्बों व मुंहासों को दूर करता है? यह बिलकुल सही है। जब हम आराम कर रहे होते हैं तब तनाव के कारण उत्पन्न होने वाले मुंहासे व रैशिज कम होते हैं। श्वांस लेने की विधि जैसे सुदर्शन क्रिया एकत्रित हुए तनाव को कम कर मन को शांत करती है। शरीर में सांजजस्य व संतुलन स्थापित करती है।
रोजाना ध्यान करें-
एक मोमबत्ती केवल मात्र प्रकाश ही फैलाती है। ध्यान आपकी आंतरिक मोमबत्ती को और अधिक प्रभावित करता है और आपकी रोशनी को बढ़ाता है। जितना अधिक आप ध्यान करेंगे उतनी ही अधिक आप आंतरिक व बाहरी रूप से चमकेंगे। हमनें अधिकतर देखा है आमतौर पर किसी भी कलाकार द्वारा ध्यान करने वाले की पीछे प्रकाश पंुज या औरा दिखाया जाता है। यह केवल मात्र कल्पना ही नहीं है बल्कि यह सच है। ध्यान करने वाले आंतरिक तौर पर ही चमक फैलाते हैं और यही बात उन्हें बाहरी मेक-अप से भी छुटकारा दिलाती है।



अपने मन को किसी भी हालत में बचाएं-

यदि आप उदास हैं, गुस्से में हैं, निराश हैं या दुखी हैं तो आपका चेहरा स्वतः ही लटका लटका रहेगा व आप बहुत अच्छे प्रतीत नहीं होंगे। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि अपने मन की ऐसी शांति और खुशी को बनाएं रखें जो परिस्थितियों की मोहताज न हो। इसे पाने का केवल एक ही तरीका है और वो है ध्यान। आज कल के समय में ध्यान एक जरूरत की तरह है।
चेहरे की मांसपेशियों में खिंचाव लाएं-
आप अच्छे कपड़े पहनते हैं और अपने घर को छोड़ते हैं, फिर भी स्वयं को पूर्ण करने के लिए आपको एक बात की आवश्यकता होती है और वो है आपकी हंसी। हांलाकि हम अपना बहुत समय, उर्जा और पैसा अपने शरीर को सजाने व संवारने पर खर्च करते हैं परंतु हम अपनी आंतरिक हंसी व आनंद को व्यक्त करना भूल जाते हैं।
यह बहुत ही आसानी से किया जा सकता है बस अपने होंठों पर खिंचाव लाइए और उन्हें आंखों की तरफ खींचिए। इस तरह न जाने कितने ही साधारण तरीके हैं जो आपको तो सुंदर व आनंदमय बनाएंगे ही बल्कि आपके आसपास को भी खुशियों से महकाएंगे।








Post a Comment