Thursday, June 22, 2017

कब्ज और गैस की समस्या के लिए योग | Yoga to Relieve Constipation



    कुछ लोगों के लिए कब्ज एक दैनिक मामला बन गया है।और, हम आम तौर पर इसे एक बीमारी मान लेते है ; जबकि यह एक लक्षण है। यदि सही समय पर इसका इलाज़ नहीं किया गया तो यह श्रोणि रोगों और पेट के विकारों में बदल सकता है । लेकिन हम अक्सर कब्ज को लापरवाही से लेते हैं।
कब्ज कैसे होता  है-  
कब्ज अलग अलग लोगों के लिए अलग अलग मायने रखता है। कुछ लोगों के लिए यह असामयिक मल हो सकता है, और कुछ लोगों के लिए केवल कठिन मल का पारित होना हो सकता है । जो भी मामला हो, इस समस्या का मूल कारण हमारी अस्वास्थ्यकर जीवनशैली है।
अनुचित काम का समय, आराम करने के लिए कम समय और बहुत अधिक जंक फूड का सेवन हमारे शरीर को नुकसान पहुचाता है जिसे कि हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते है । इसके अलावा आहार में ताज़े फल और हरी पत्तेदार सब्जियों की कमी से, विशेष रूप से भोजन जिसमें फाइबर कम हो, कब्ज का कारण बन सकता है। पानी का कम सेवन भी एक और कारण है।
कब्ज के लक्षण 
अनियमित या कम मात्रा में मल त्याग
मल त्यागने में दबाव
छोटे या कठिन मल का पारित होना
पेट में दर्द और ऐंठन
फूला हुआ पेट
कब्ज का इलाज कैसे करें 
कब्ज की समस्या को इसकी प्रारंभिक अवस्था में संबोधित किया जाना चाहिए। समय पर इसकी देखभाल न करनेपर यह एक खतरनाक श्रोणि रोगों और अन्य पेट के विकारों में परिवर्तित हो सकती है।
कब्ज का इलाज करने के लिए कुछ सुझाव:
हमारे आहार के माध्यम से हम कब्ज का सरल तरीके से इलाज कर सकते हैं । ताजी पत्तेदार सब्जियों और फलों जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें ।
पानी का खूब सेवन करें। सुबह में गर्म तरल पदार्थ का सेवन बहुत उपयोगी हो सकता है।
दैनिक मल त्याग के लिए एक नियमित दिनचर्या स्थापित करें ।
नियमित योगाभ्यास करें ।
कब्ज का इलाज करने के विभिन्न तरीके हैं। रेचक और अन्य उपचार उपलब्ध हैं जो कब्ज से राहत प्रदान कर सकते हैं। लेकिन यह ठीक ही कहा गया है की - निवारण हमेशा इलाज से बेहतर है और योग कब्ज को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है।
योग, कब्ज को दूर करने का एक प्राकृतिक तरीका | 
कुछ ही मिनटों का नियमित योग अभ्यास अनियमित मल त्यागने की तकलीफ़ को सुधारने में मदद करता है, पेट में खिंचाव और पेट फूलने की समस्या से भी राहत दिलाता है व सारा दिन सुख एवं शांति रखने में भी मदद करता है ।
योग हमारे शरीर को तरोताज़ा करता है और शरीर में रक्त औरऑक्सीजन के प्रवाह को भी बढ़ाने में मदद करता है। अधिकांश योग आसनों में श्रोणि का अच्छा संचलन शामिल होने के कारण, योग अभ्यास वास्तव में कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता हैं।
कब्ज दूर करने के लिए पाँच योगासन |
अर्ध मत्स्येंद्रासन 
इस आसन के महत्वपूर्ण शारीरिक पहलू यह हैं की - यह अग्न्याशय, जिगर, तिल्ली, गुर्दे, पेट, और आरोही और अवरोही बृहदान्त्र (colon) को उत्तेजित करता है , इसलिए मल त्यागने में सुधार और कब्ज से राहत प्रदान करता है ।
हलासन 
यह आसन यकृत और आंत को आराम प्रदान करता है। यह एक ऐसा आसन है जो श्रोणि क्षेत्र में रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है और पाचन को भी बढ़ाता है।

पवनमुक्तासन 
जैसा नाम से ही पता चलता है, यह आसन शरीर से गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। हम में से ज्यादातर नियमित कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए यह एक आम परेशानी है। यह आसन अपच/ मन्दाग्नि सहित कई पाचन संबंधी विकार को भी दूर करने में मदद कर सकता है । यह अम्लपित्त (Acid reflux ) से राहत दिलाने में भी मदद करता है, जो की अपच के कारण ही होता है ।
मयूरासन |
यह आसन पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है और अस्वास्थ्यकर भोजन के प्रभाव को नष्ट करता है। यह आसन पेट दबाव को बढ़ाता है ,जो प्लीहा और यकृत एनलार्ज्मेंट्स को कम कर देता है । यह आसन आंतो को भी मजबूत बनाता है। इस तरह से कब्ज की समस्या से राहत दिलाता में मदद करता है ।
तितली मुद्रा |
   तितली आसन को करते समय आपकी मुद्रा तितली के समान हो जाती हैं| इसिलिये इस आसान को तितली या Butterfly आसान के नाम से जाना जाता हैं| तितली आसन आपके पैरों को मजबूत बनता हैं| तितली आसान एक सरल आसन हैं|
तितली आसन को करने के नियम 
इस आसन को करने के लिए आपको सबसे पहले किसी समतल स्थान पर बैठ जाइए| और दोनों पैरों को सामने की ओर ढीला छोड़कर फैला ले| अब अपने दोनो पैरों को घुटने से अन्दर की ओर मोड़ ले| और दोनों तलवों को आपस में मिलाये |
   अब अपने दोनों हाथों से पैरों की उँगलियों को पकडे| और अपनी दोनों पैरों की एड़ी को खीचकर अपने शरीर के नजदीक ले आये| अपने हाथों और शरीर को सीधा रखने का प्रयास करें|
सामान्य गति से धीरे-धीरे साँस ले और अपने पैरों को तितली के समान ऊपर और नीचे जल्दी जल्दी ले जाएँ| इस क्रिया को तीस से चालीस बार करें| और इसके बाद दोनों पैरों को धीरे-धीरे सीधा करें|
     चिंता करना बंद करें और अभ्यास शुरू करें! आपके दैनिक समय के बस कुछ ही पल के अभ्यास से आप एक स्वस्थ पाचन तंत्र प्राप्त कर सकते है तथा परिणामस्वरूप खुश भी रह सकते हैं । परंतु अपने आहार में सुधार लाना मत भूलिएगा, जैसे की फाइबर रिच खाना, फल और सब्ज़ी और पानी का पर्याप्त सेवन कब्ज को दूर रखने में आपको मदद करेगा । योग का नियमित रूप से अभ्यास शरीर और मन के विकास में मदद करता है, साथ ही इसके कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी है परंतु फिर भी यह दवा का विकल्प नहीं है।
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