Friday, June 23, 2017


पीठ के दर्द के लिये योग
क्या अक्सर आप का हाथ पीठ के ऊपर के हिस्से पर आसानी से चला जाता है ? अनजाने में उसे आराम पहुँचाने में या पीड़ा कम करने में हल्का धड़कने वाला दर्द होता है ? आप रसोई में घर के रोज के काम कर रहे हैं या साथी की मेज़ पर झुके हुये हैं और अचानक आप को पीठ के निचे के हिस्से पर दर्द महसूस होता है ? आप को जीर्ण या पुराना पीठ का दर्द न हो | फिर भी कभी कभी होने वाला यह दर्द हमंऔ सतर्क करने के लिये काफी है, कि हमें सीधा बैठना होगा और प्रतिदिन पाँच मिनट देने होंगे जिससें पीठ की मांसपेशियों योग के अभ्यास से मजबूत हो सके | इसे आज से शुरू करे और प्रतिदिन कुछ समय देना शुरू करें | इसके परिणाम बहुत अच्छे हैं | इससे आपकी पीठ स्वस्थ रहती है |
पीठ के दर्द के लिये ७ योग मुद्रायें

हमारे पीठ की तीन तरह की गति होती है : ऊपर की ओर खिंचाव, घुमाव, आगे और पीछे की ओर झुकना | निन्म दी गई योग मुद्राओं/आसन के निरंतर अभ्यास से यह सुनिश्चित होगा कि जो मांसपेशी इन गतिओं की सहायता करती है, वे मजबूत हो सकें |
आप इन में से कुछ योग मुद्राओं को कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं |यदि सुबह आप इसे करना भूल भी गये तो आप दिन में कार्य स्थल में इसके लिये पाँच मिनट निकाल सकते हैं या जब आपकी पीठ इसका संकेत दे कि उसे इनकी आवश्यकता है |
(चटाई ) पर कर के देखें | कुर्सी पर बैठ कर भी आप इस योग मुद्रा तबदीली कर सकते हैं |
सभी दिशा में पीठ का खिंचाव– इस क्रम से आप की पीठ को सभी दिशा में खिंचाव मिलता है और पीठ के दर्द से प्रभावकारी राहत मिलती है | लंबे समय कार चलाने के बाद, कार से उतरकर, अपने पैर जमीन में स्थिर रखे और इन सभी खिंचाव को करें |
त्रिकोणासन ( त्रिकोण मुद्रा ): 

हाथ,पैर, और उदरीय मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक और रीड की हड्डी में लचीलापन | यदि आप रसोई में काफी देर से खड़े है तो कुछ सेकंडों के लिये ब्रेक लें और त्रिकोण मुद्रा को करें |
पवन मुक्तासन (घुटने ने से ठोड़ी में दबाव) : 

कूल्हे के जोड़ों में रक्त परिसंचरण में वृद्धि और पीठ के निचे के भाग में पीड़ा से आराम | इसे अपने योग के आसन
कटिचक्रासन(खड़े रहते हुये रीड की हड्डी में घुमाव ) :

 इससे रीड की हड्डी का लचीलापन बढ़ता है और हाथ और पैर की मांसपेशियों को शक्ति मिलती है | आप ठीक से सीधे खड़े रह सकते हैं |
अर्ध मत्सेंयेंद्रआसन
 (आधे रीड की हड्डी में बैठे हुये घुमाव) और
मार्जरीआसन (मार्जर खिंचाव): इससे रीड की हड्डी कोमल और लचीली होती है | इस योग मुद्रा में तबदीली आप कुर्सी में बैठे हुये कर सकते हैं |
भुजंगासन (सर्प मुद्रा) :

 इससे पीठ की मांसपेशियों की मालिश होती है और पीठ के ऊपर के भाग में लचीलापन आता है | क्या आप ने बच्चों को इस मुद्रा में टीवी देखते हुये या आलस करते हुये देखा है ? सोफे से उतर कर उनके साथ हो जायें |
अन्य लाभ : इन योग मुद्राओं/आसन से शरीर के कई अंग जैसे अग्न्याशय,गुर्दे, आमाशय, छोटी आंत, यकृत, पित्ताशय की मालिश और शक्ति प्रदान करता है |
निर्देश : सिर्फ कुछ योग मुद्रा/आसन का अभ्यास कर के ही अपने आप को सीमित न करें | अपने योग दिनचर्या में विविधता लायें | उपरोक्त योग आसन पीठ की मांसपेशियों में शक्ति देता है | लेकिन हमें हमारे शरीर सभी अंगों पर ध्यान देना होगा जिससे पूरा शरीर स्वस्थ रह सकें |इसके लिये आवश्यक है कि हमें विभिन्न योग मुद्राओं और श्वास प्रक्रियाओं का अभ्यास करना चाहियें |
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