23.6.17

सिरदर्द से निजात पाने के योग आसन



आजकल की तनाव भरी जिंदगी में सिरदर्द होना आम बात है| हर उम्र के लोग अकसर इसकी शिकायत करते हैं। कभी कभी तो सिददर्द ऑफिस में ही शुरु हो जाता है| लगातार कंप्‍यूटर के सामने बैठ कर आंखें गड़ाए रखने के कारण ऐसा होता है। सरदर्द दूर करने के लिए लोग कई तरह की दवाइयां भी लेते हैं। यहाँ तक की कई बार तो सिर दर्द से छुटकारा पाने के लिए लोग काफी पैसे भी खर्च करते हैं।
दवाइया और चाय-कॉफी पी लेने से सरदर्द से छुटकारा भी मिल जाता है| लेकिन क्या आप जानते है यह स्थाई इलाज नहीं है| बार बार दवाई का सेवन भी शरीर के लिए अच्छा नहीं है| क्योकि वैसे तो सिरदर्द थकान या भूख के वजह से होता है| लेकिन कई बार इसके पीछे की वजह अत्यधिक तनाव और आँखों की कमजोरी भी होता है|
सिरदर्द की दवाई से आँखों की रौशनी तो ठीक नहीं होती| इसलिए सरदर्द की समस्या भले ही आम हो लेकिन लगातार बानी रहे तो परेशानी का कारण बन जाती है| इसलिए यदि आप अक्सर सिरदर्द से परेशान हैं और बात-बात पर तनाव लेते हैं तो यह योगासन आपके काम का है। इससे आपकी सिरदर्द की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी|
शीतली प्राणायाम
शीतली प्राणायाम भी सिरदर्द की समस्या से निजाद पाने का बेहतरीन तरीका है| इससे तनाव दूर होता है और दिमाग शांत रहता है| इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले तो जमीन पर सुखासन की स्तिथि में बैठ जाएं। इसके बाद जीभ को बाहर निकालें और मुंह से गहरी सांस लीजिये| आपको सांस कुछ इस तरह से लेना है की की जीभ से होकर हवा शरीर के भीतर प्रवेश करें। इसके बाद मुंह बंद करें और नाक के छिद्रों से सांस छोड़ें। इस क्रिया को 8-10 बार तक दोहराये|पालभाति आपकी मदद कर सकता है| कपालभाति में श्वास को शक्ति पूर्वक बाहर छोड़ने में ही पूरा ध्यान दिया जाता है। इस आसन में श्वास को भरने के लिए प्रयत्न नहीं किया जाता है| बल्कि अपने आप जितना श्वास अन्दर जाता है उतना जाने देते है|
सरदर्द से निजाद पाना चाहते है तो इस प्राणायाम को 5 मिनिट तक अवश्य ही करना चाहिए| इसके अतरिक्त इस प्राणायाम को करते समय मन में सोचना चाहिए की जैसे ही मैं श्वास को बाहर निकल रहा हूँ, इसके साथ मेरे शरीर के समस्त रोग भी बाहर निकल रहे है। वैसे तो इस प्राणायम का अभ्यास 5 मिनट रोज करना चाहिए लेकिन शुरवात कम समय से की जा सकती है|
वज्रासन
वज्रासन की मदद से आप सिरदर्द से निजात पा सकते है| और यदि आपको माइग्रेन है, तब भी यह आसन आपको आराम पहुँचाता है| वज्रासन करने से शरीर को मजबूती मिलती है। वज्रासन को खाना खाने के कुछ देर बाद भी किया जा सकता है| इसे करने के लिए खाने के बाद कुछ देर रुकें। फिर समतल जगह पर आसन बिछाकर उसपर घुटनों को मोड़कर बैठे|
आपके बैठने की स्तिथि इस तरह से होनी चाहिए की पैरों के पंजे पीछे की ओर हो जाएं और नितंब दोनों एड़ियों के बीच में रहे। अब अपने दोनों पैरों के अंगूठे आपस में मिलाकर रखें। इस बात का भी ध्यान रखें की एड़ियों के बीच अंतर रहे| इसके पश्चात अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें।
इस वक्त आपका शरीर बिल्कुल सीधा होना चाहिए| अब हाथों और शरीर को ढीला छोड़ दें। इसके पश्चात आंखें बंद रखें और सांस लेने और छोड़ने का काम करे। इसी अवस्था में कुछ देर यूं ही बैठे रहें। यह आसन को हर रोज खाने के बाद करें। यह आसन ना केवल Headache Relief के लिए बल्कि पेट संबंधी बीमारियों के लिए भी फायदेमंद है।
अनुलोम विलोंम प्राणायाम
आपने अक्सर देखा होगा कई बार आपके सिरदर्द के साथ पेट और पीठ में भी दर्द बना रहता है| दरहसल यह दर्द पेट में होने वाली गैस के कारण होता है| यदि गैस के कारण आपको सिरदर्द है तो अनुलोम विलोंम प्राणायाम करे।
इसे करने के लिए सबसे पहले सुखासन
या पद्मासन में बैठें। शुरुवात और अन्त भी हमेशा बाये नथुने से ही करनी है। पहले नाक का दाया नथुना बंद करें व बाये से लंबी सांस लें। फिर बाये को बंद करके, दाया वाले से लंबी सांस छोडें|


अब दाया से लंबी सांस लें व बाये वाले से छोडें| आपको यही दाया-दाया, बाया-बाया क्रम रखना है| यह प्रक्रिया 10-15 मिनट तक दोहराये| तीन मिनिट से प्रारम्भ करके इस प्राणायाम को 10 मिनिट तक किया जा सकता है।

कपालभाति प्राणायाम
ठण्ड के दिनों में सर्दी की समस्याए आम है| सर्दी के कारण भी सरदर्द बने रहता है| ठण्ड के दिनों में कानो में जाने वाली शीत हवाए भी सिरदर्द का कारण बनती है| ऐसे में सर दर्द से राहत दिलाने में कपालभाति आपकी मदद कर सकता है| कपालभाति में श्वास को शक्ति पूर्वक बाहर छोड़ने में ही पूरा ध्यान दिया जाता है। इस आसन में श्वास को भरने के लिए प्रयत्न नहीं किया जाता है| बल्कि अपने आप जितना श्वास अन्दर जाता है उतना जाने देते है|
सरदर्द से निजात पाना चाहते है तो इस प्राणायाम को 5 मिनिट तक अवश्य ही करना चाहिए| इसके अतरिक्त इस प्राणायाम को करते समय मन में सोचना चाहिए की जैसे ही मैं श्वास को बाहर निकल रहा हूँ, इसके साथ मेरे शरीर के समस्त रोग भी बाहर निकल रहे है। वैसे तो इस प्राणायम का अभ्यास 5 मिनट रोज करना चाहिए लेकिन शुरवात कम समय से की जा सकती है|



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