Sunday, May 7, 2017

कच्चा प्याज के औषधीय गुण आयुर्वेदिक फायदे / Medicinal properties of raw onion Ayurvedic benefits

   

जरूर खाए कच्चा प्याज, होंगे ये बड़े फायदे – भोजन के साथ सलाद के रूप में खाया जाने वाला कच्चा प्याज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। सैंडविच, सलाद या फिर चाट, प्याज सभी के स्वाद को दोगुना कर देता है। यदि आपको डर है कि प्याज खाने से दुर्गंध आएगी तो खाने के बाद माउथ फ्रेशनर खाइए या ब्रश कर लीजिए, लेकिन प्याज जरूर खाइए। आहार विशेषज्ञों की मानें तो यह यौन दुर्बलता को दूर करने में भी बहुत उपयोगी है। यौन शक्ति के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए प्याज एक सस्ता एवं सुलभ विकल्प है। आइए, आज हम आपको बताते हैं प्याज के कुछ ऐसे ही उपयोग और गुणों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप कई समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।प्‍याज को लगभग सभी लोगो ने देखा और इसको खाया भी होगा। प्याज को सभी के रसोईघर में देखा जा सकता है। प्याज से खाने का स्वाद तो बदलता ही है साथ ही इसके बहुत सारे हेल्थ बेनिफिट्स भी है। क्या आपको पता है प्याज के फायदे ? यदि नहीं तो अब जान लीजिए की प्याज के औषधीय गुण। प्याज का उपयोग कच्चे और पके दोनों तरह से किया जाता है। गर्मियों में प्याज के सेवन के अनमोल फायदे है। लू का भी इलाज प्याज के द्वारा आसानी से किया जा सकता है। प्याज में विटामिन सी, लोहा, गंधक, तांबे जैसे बहुमूल्‍य खनिज भरपूर मात्र में पाये जाते हैं, जिससे शारीरिक शक्‍ति बढ़ती है। और स्वस्थ्य निरोगी काया मिलती है। यह कहना गलत नहीं होगा की ‍प्‍याज का सेवन लाभदायक होता है। और यह एक तरह से घर का वैध होता है। आइये जानते हैं इस सर्व सुलभ प्‍याज के फायदे और क्‍या लाभ हैं।
लु से बचाव के लिए प्‍याज का रस कनपटियों और छाती पर मलने से लू नहीं लगती। इसके साथ साथ कच्‍चे प्‍याज का सेवन खाना खाते समय करना लाभदायक होता है।
कान के रोगों में प्याज का उपयोग प्‍याज के रस को हल्‍का गर्म कर के कान में डालने से कान में दर्द अथवा मवाद बहने की शिकायत होने पर आराम मिलता है।



पीलिया से पीड़ित रोगी
को आधा कप सफेद प्‍याज के रस में गुड़ और पिसी हल्‍दी मिला कर सुबह और शाम को पिलाने से पीलिया में लाभ होता है।
बच्चों का पेट ख़राब होने पर उन्हें प्याज के रस की तीन-चार बूँदें चटाने से फायदा होता है।
अतिसार या पतले दस्त के इलाज के लिए एक प्याज को पीसकर रोगी की नाभि पर लेप करने या इसे किसी कपड़े पर फैलाकर नाभि पर बाँध देने से पतले दस्त में लाभ होता है।
प्‍याज के छोटे टुकड़े को छील कर चौकोर काट कर सिरके या नींबू के रस में भिगो दें। उसके ऊपर नमक, काली मिर्च डाल दें। इसका सेवन करने से पिलाया बहुत जल्दी ठीक हो जाता है। यह पीलिया का यह शर्तियां इलाज है।
प्‍याज खाने से दिल की बीमारी नहीं होती क्यूंकि प्याज को खाने से हृदय धमनियों में रूधिर के थक्‍के नहीं बनते और इस प्रकार हृदय से सम्बंधित बीमारियों से बचा जा सकता है।
प्‍याज में आयरन, पाया जाता है, जिससे शरीर मे खून की कमी नहीं होती है। यह खून को गाढ़ा भी करता है और उसे पतला होने से भी रोकता है।
अगर किसी कुत्‍ते ने काट लिया है , तो कटे स्‍थान पर प्‍याज को शहद के साथ पीसकर कुत्ते के काटे हुए स्थान पर लगाने से विष का असर धिरेहै। धीरे कम होता रहता है। 6.
प्‍याज का रस और सरसों का तेल दोनों को मिलाकर मालिश करने से गठिया के रोग से परेशान व्यक्ति को लाभ पहुंचाता है।
दमा और खांसी में प्‍याज के रस में शहद मिला कर चाटने से आश्‍चर्यजनक लाभ मिलता है। इसके अलावा मिर्गी, हिस्टीरिया और पाण्डुरोग में भी प्याज लाभकारी है।
मिर्गी के रोगी को प्याज को सुंघा देने मात्र से ही कई बार रोगी को ठीक होते देखा गया है।



प्याज के औषधीय गुण फायदे

हैजा हो जाने पर सावधानी के साथ एक कप सोडा पानी में एक कप प्याज का रस, एक नीबू का रस, जरा सा नमक, जरा-सी काली मिर्च और थोड़ा सा अदरक का रस मिलाकर पिने से हाजमा या पाचन शक्ति दुरुस्त हो जाती है।
कब्ज दूर करे-कब्ज के इलाज में प्याज का इस्तेमाल प्रतिदिन भोजन में इसको शामिल करे। भोजन के साथ कच्चा प्याज खाने के फायदे बहुत है। इसलिए भोजन के साथ प्रतिदिन एक कच्चा प्याज जरूर खाएँ।
अजीर्ण या भूख की कमी होने पर प्याज के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर उसमें एक नीबू निचोड़ लें या सिरका डाल लें तथा भोजन के साथ इसका सेवन करें। इससे भूख खुलकर लगेगी और अजीर्ण रोग दूर हो जायेगा।
पायरिया रोग में प्याज के फायदे प्याज के टुकड़ों को तवे पर गर्म कीजिए और दांतों के नीचे दबाकर मुंह बंद कर लीजिए। इस प्रकार 10-12 मिनट में लार मुंह में इकट्ठी हो जाएगी। उसे मुंह में चारों ओर घुमाइए फिर निकाल फेंकिए। दिन में 4-5 बार 8-10 दिन करें, पायरिया जड़ से खत्म हो जाएगा, दांत के कीड़े भी मर जाएंगे और मसूड़ों को भी मजबूती प्राप्त होगी।








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