24.5.17

अपेन्डिसाइटिस (उपान्त्र शोथ) के घरेलू उपचार




अपेन्डिसाइटिस क्या है?अपेन्डिसाइटिस वह स्थिति है जिसमें अपेंडिक्स फूल कर सूज जाता है और पीप से भर जाता है। अपेंडिक्स उंगलीनुमा थैली होती है जो पेट के निचले दाहिने हिस्से में, बड़ी आंत से जुड़ी होती है, यह क्षेत्र छाती और कूल्हों के बीच स्थित होता है। अपेंडिक्स का शरीर में कोई निश्चित कार्य प्रतीत नहीं होता और इसको हटाने से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी कोई प्रभाव होता दिखाई नहीं देता। आमतौर पर यह स्थिति 10 से 30 वर्ष की आयु के बीच होती है।
रोग अवधि-
अपेंडिक्स को हटाने वाली शल्यक्रिया, जिसे अपेंडेक्टोमी कहा जाता है, अपेन्डिसाइटिस का मानक उपचार है। शल्यक्रिया के केवल 12 घंटों बाद ही आप उठकर घूम-फिर सकते हैं। दो से तीन सप्ताहों में आप सामान्य गतिविधियों तक वापस लौट सकते हैं।
जाँच और परीक्षणरोग निर्धारण हेतु आमतौर पर निम्नलिखित जाँचों का प्रयोग किया जाता है:
सूजन को निर्धारित करने हेतु पेट का परीक्षण।
मूत्र मार्ग के संक्रमण की पहचान हेतु मूत्र परीक्षण।
आपका शरीर संक्रमण से मुकाबला कर रहा है, यह जानने हेतु रक्त परीक्षण।
सीटी स्केन्स और/या अल्ट्रासाउंड।
डॉक्टर द्वारा आम सवालों के जवाब1. अपेन्डिसाइटिस क्या है?
अपेन्डिसाइटिस वह स्थिति है जिसमें अपेंडिक्स फूल कर सूज जाता है और पीप से भर जाता है।
अपेंडिक्स क्या होता है?
अपेंडिक्स उंगलीनुमा थैली होती है जो पेट के निचले दाहिने हिस्से में, बड़ी आंत से जुड़ी होती है, यह क्षेत्र छाती और कूल्हों के बीच स्थित होता है। अपेंडिक्स का शरीर में कोई निश्चित कार्य प्रतीत नहीं होता और इसको हटाने से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी कोई प्रभाव होता दिखाई नहीं देता।
अपेन्डिसाइटिस होने की आमतौर पर आयु क्या है?
आमतौर पर यह स्थिति 10 से 30 वर्ष की आयु के बीच होती है।



अपेंडिक्स से पीड़ित होने पर व्यक्ति को क्या करना चाहिए?

परिश्रम वाली गतिविधियां ना करें, शुरुआत में छोटी दूरी तक पैदल चलें और जब आपको आवश्यकता हो, विश्राम करें। एनीमा या दस्तावर वस्तुओं का प्रयोग ना करें, ये अपेंडिक्स के फटने के खतरे को बढ़ाते हैं। अपनी गतिविधियों को धीरे-धीरे शुरू करें और ठीक लगने पर उन्हें बढ़ाएं।
व्यक्ति को डॉक्टर से संपर्क कब करना चाहिए?
व्यक्ति को डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए यदि उसे पेट के क्षेत्र में तीव्र दर्द के साथ बुखार की उपस्थिति हो, भूख की कमी हो, मतली, उल्टी, कब्ज, अतिसार हो या पेट में एकत्रित गैस या मल त्याग में असमर्थता हो।
क्या अपेन्डिसाइटिस के लिए शल्यक्रिया की आवश्यकता होती है?
तीव्र अपेन्डिसाइटिस के मामले के लिए शल्यक्रिया आवश्यक होती है। यदि एंटीबायोटिक दिए जाने के बाद रोगी के लक्षण कम होते हैं तो अपेंडेक्टोमी में अन्तराल की सलाह दी जाती है, अर्थात 6 से 12 सप्ताह के बाद रोगी की स्थिति को फिर से देखा जाता है। इस अवधि के बाद तक यदि लक्षणों में कमी ना हो तो शल्यक्रिया अनिवार्य होती है।
कैसा हो  आहार-
उच्च रसे वाला आहार जो ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियों से भरपूर हो, इस स्थिति को रोकने का सबसे बढ़िया उपाय है।
अपेन्डिसाइटिस को प्राकृतिक रूप से रोकने और उपचार करने में चुकंदर, गाजर और ककड़ी का रस अत्यंत सहायता करता है।
दिन में तीन बार थोड़ी मात्रा में हरे चने का सेवन करना तीव्र अपेन्डिसाइटिस का उपयोगी उपचार है।
आसान सी भोजन विधियाँ जैसे सब्जियों (हरी मिर्च, ब्रोकोली, गोभी, फलियाँ और मटर) सहित भूरा चावल पचने में हलके और रेशे से भरपूर होते है जो अपेन्डिसाइटिस के रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। अन्य पदार्थ जैसे चिकन सूप और उबली सब्जियाँ भी रोग से ठीक हो रहे रोगियों हेतु बढ़िया होते हैं।
अपेन्डिसाइटिस और पाचन तंत्र के अन्य रोगों को रोकने के लिए गेहूँ के चोकर युक्त साबुत गेहूँ नियमित रूप से लेना चाहिए।
दीर्घ अपेन्डिसाइटिस का उपचार प्रतिदिन एक लीटर छाछ के सेवन द्वारा भी किया जा सकता है।
इनसे परहेज करें
शराब
कॉफ़ी, चाय और हवायुक्त पेय
पशु आधारित भोज्य पदार्थ
कैन में बंद भोज्य पदार्थ और पेय
तले आहार
वसायुक्त माँस और अंडे से बने पदार्थ।
बेकरी उत्पाद, जिनमें रिफाइंड दलिया और मैदा उपयोग होता है।
गैस की उत्पत्ति करने वाले आहार जैसे फलियाँ और ब्रोकोली
मसाले और मिर्च
सुगन्धित मसाले
मिठाइयाँ और शक्कर युक्त पदार्थ।
तेल, मक्खन और वसा के अन्य स्रोत
योग और व्यायाम



श्वसन के व्यायाम

अनुलोम-विलोम
उज्जायी
भ्रामरी
आसनों में हैं
विपरीत करणी
सर्वांगासन
वृक्षासन
अर्द्ध चंद्रासन
शवासन अधिक बार करें और धीमी श्वास लें (दीर्घ प्राणायाम)
घरेलू उपाय ,उपचार
एनीमा या दस्तावर वस्तुओं का प्रयोग ना करें, ये अपेंडिक्स के फटने के खतरे को बढ़ाते हैं।
परिश्रम वाली गतिविधियां ना करें।
अपनी गतिविधियों को धीरे-धीरे शुरू करें और ठीक लगने पर उन्हें बढ़ाएं। शुरुआत में छोटी दूरी तक पैदल चलें।
जब आपको आवश्यकता हो, विश्राम करें।
रोकथाम -बचाव
अपेन्डिसाइटिस को रोकने का कोई तरीका नहीं है। हालाँकि, रेशे की उच्च मात्रा से युक्त आहार, जैसे ताजे फल और सब्जियाँ लेने वाले लोगों में अपेन्डिसाइटिस की संभावना कम होती है।



ध्यान देने की बातें

फूटे अपेंडिक्स के आस-पास घाव।
आपकी उल्टी या मूत्र में रक्त की उपस्थिति।
मूत्रत्याग में दर्द।
डॉक्टर को कब दिखाएँ
डॉक्टर से संपर्क करें यदि आपको निम्न में कुछ है:
पेट के क्षेत्र में तीव्र दर्द
दर्द के साथ बुखार की उपस्थिति।
भूख की कमी।
उल्टी
आपके दर्द के साथ मतली और भूख की कमी।
कब्ज और अतिसार।
पेट में एकत्रित गैस या मल त्याग में असमर्थता।



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