9.3.17

नीलगिरी के तेल के स्वास्थ्य लाभ




   युकेलीप्टस (नीलगिरी) का तेल रंगहीन तथा स्वाद में अनूठा होता है। इसमें मौजूद कई गुणों की मदद से यह एक काफी जाना माना तेल है। यह तेल लम्बे और हरे युकेलीप्टस (eucalyptus) के पेड़ की पत्तियों से निकाला जाता है। इसके वैज्ञानिक गुणों की वजह से इसे फीवर ट्री (fever tree), ब्लू गम ट्री (blue gum tree) या स्ट्रिंगी बर्क ट्री (stringy bark tree) के नाम से भी जाना जाता है।
नीलगिरी की ताजा पत्तियों को तोड़कर इससे तेल बनाया जाता है जो विभिन्न रोगों के उपचार में काम आता है। इन पत्तियों से डिस्टीलेशन की प्रक्रिया द्वारा तेल निकालने का काम होता है। इस प्रक्रिया के बाद रंगहीन द्रव्य (तेल) प्राप्त होता है जिसमें किसी भी प्रकार का स्वाद नहीं होता। इस तेल की सबसे बडी विशेषता यह है कि यह केवल अल्कोहल में घुलनशीन होता है। नीलगिरी तेल का प्रयोग एक एंटीसेप्टिक और उत्तेजक औषधि के रूप में किया जाता है।
यह हृदय गति को बढाने में मदद करता है। नीलगिरी का तेल जितना पुराना होता जाता है इसका असर और भी बढता जाता है। यह काफी हद तक मलेरिया रोग के उपचार में भी काम में आता है। गले में दर्द होने पर भी नीलगिरी के तेल का उपयोग किया जाता है।
आयुर्वेद में अनेक तेलों का जिक्र है। उनमे से एक तेल है यूकेलिप्टस का तेल यानि कि नीलगिरी का तेल। नीलगिरी का तेल बहुत खुशबूदार होता है। जो आपको कई तरह के स्वास्थवर्धक फायदे भी देता है। बहुत कम लोगों को मालूम होता है नीलगिरी तेल के फायदों के बारे में।
खांसी और बंद नाक को भी खोलता है नीलगिरी का तेल।
खून का संचार ठीक करता है ये तेल।
कफ वाली खांसी को भी खत्म करता है नीलगिरी तेल।



कई तरह के रोगाणुओं को खत्म करता है नीलगिरी का तेल।

जिन लोगों को अस्थमा की समस्या होती है। उनकी इस समस्या को खत्म करता है ये तेल।
थकान और बदन दर्द से राहत देता है।
घाव को जल्दी भरता है नीलगिरी का तेल।
किसी कीड़े या जीव के काटने पर नीलगिरी तेल का प्रयोग किया जाता है।
बदबू हटाने के लिए
घर के अंदर बदबू हटाने के लिए पानी में कुछ बूंदे नीलगिरी तेल को डालकर पोछा लगाने से बदबू खत्म हो जाती है।
गला साफ करने के लिए
गर्म पानी में नीलगिरी के तेल को मिला लें और इसे पानी से कुल्ला करें। एैसा करने से गला साफ होता है।
त्वचा के लिए
नीलगिरी के तेल और नारियल तेल को मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की समस्याएं ठीक होती हैं।
मुल्तानी मिट्टी में नीलगिरी के तेल को मिलाकर स्क्रब बनाएं और इससे चेहरे की मसाज करें। इस तरीके से आपकी त्वचा को पोषण मिलेगा और चिपचिपी त्वचा से भी राहत मिलेगी।
दर्द निवारक है ये तेल-
जिन लोगों के शरीर में दर्द और जोड़ों में दर्द रहता हो वे गरम पानी में नीलगिरी तेल की कुछ बूंदों को डालकर नहाने से दर्द से आराम मिलता है।



बालों को बढ़ाता है-

इस तेल में बालों को बढ़ाने की क्षमता होती है। जिन लोगों के बाल न बढ़ रहे हों वे नीलगिरी के तेल को गर्म करें और उसे गुनगुना होने पर सिर की मालिश करें। सप्ताह में एक बार इस उपाय को हमेशा करें।
हाथ पैर की गंदगी-
हाथ पैर धोने वाले उत्पाद बेहद मंहगे आते हैं ऐसे में आप नीलगिरी के तेल में थोड़ा नमक मिलाएं और इससे हाथ और पैरों की सफाई कर सकते हैं।
बालों की मजबूती के लिए-
मजबूत बालों के लिए नीलगिरी के तेल में बराबर मात्रा में बादाम का तेल मिलाकर इसे गर्म कर लें। और जब यह गुनगुना हो जाए तब इसकी सिर पर मालिश करें। इस उपाय से बाल जड़ से मजबूत होते हैं।
जलने या कट जाने पर-
त्वचा के जलने या कट जाने पर नीलगिरी का तेल लगाने से आराम मिलता है। साथ ही साथ यह आपको संक्रमण से भी बचाता है।



यूकेलिप्‍टस तेल बहुत सुगंधित होता है। इसका तेल शरीर के लिए भी लाभप्रद है। यूकेलिप्‍टस रोगाणुओं का नाश करता है और त्‍वचा में जल्‍दी समा कर ठंडक का एहसास देता है। इसके अलावा इसके तेल से मसाज करने से फोड़ा, फुंसी या किसी कीट के काटने का जख्‍म भी ठीक हो जाता है। चलिए जानते हैं कि यूकेलिप्‍टस का हमारे स्‍वास्‍थ्‍य पर क्‍या प्रभाव पड़ता है
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क्‍या हैं फायदे-
दवा-
 निलगिरी का तेल एक प्राकृतिक दुर्गन्ध नाशक और त्‍वचा के कई संक्रमणों को ठीक करने की शक्‍ति रखता है। यह तेल म्‍यूकस डिस्‍चार्ज, घावों, योनि और गैंग्रीन संक्रमण को भी दूर करता है। अगर त्‍वचा में पस जमा हुआ है तो निलगिरी का तेल उसके लिए सबसे श्रेष्‍ठ दवाई मानी जाती है।
पीड़ानाशक- 
यह तेल एक प्राकृतिक पीड़ानाशक भी है जो जोड़ों और शरीर के दर्द से मुक्‍ती दिलाता है। इसको गरम पानी में डालकर नहाने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। कुछ लोग अच्‍छे रिजल्‍ट के लिए इस तेल के साथ लेवेंडर का तेल भी मिला कर प्रयोग करते हैं।
मसाज-
 नीलगिरी के तेल से मसाज करने से त्‍वचा कोमल बनती है और स्‍ट्रेच मार्क्‍स तथा दाग धब्‍बे दूर होते हैं। कंधे और पीठ की मसाज के लिए विटामिन ई युक्‍त निलगिरी का तेल इस्‍तमाल करना चाहिए। इससे आराम से मसाज हो जाती है।
आफ्टर शेव-
 शेव करने के बाद कुछ बूंदे निलगिरी के तेल की लगाने से त्‍वचा कोमल होती है। यह एंटी बैक्‍टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवाइरल के रुप में काम करता है। यह त्‍वचा की कुछ गंभीर बीमारियों को भी ठीक करने में असरदार होता है।
शरीर की देखभाल-
 नीलगिरी के तेल को आंटे या फिर मुल्‍तानी मिट्टी के साथ मिला कर स्‍क्रब के रुप में भी इस्‍तमाल किया जा सकता है। यह चिपचिपा रहित तेल आपकी त्‍वचा को पोषण देगा तथा टोनिंग और शरीर की पॉलिशिंग करके आपको कोमल और सुंदर बनाएगा।
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