Saturday, March 25, 2017

तालीस पत्र के गुण फायदे उपयोग


तालीस का वृक्ष बहुत बड़ा होता है जो अधिकतर जंगलों में ही मिलता है ।
इसकी लकड़ी फर्नीचर बनाने के काम आती है |इसकी तासीर थोड़ी गर्म है । यह प्राकृतिक रूप से जन्म लेने वाला वृक्ष दूर से ही अपने लंबे पत्तों के कारण पहचाना जाता है ।
गुण तथा लाभ
तालीस पत्र लघु-तीक्ष्ण-गरम है । इससे खांसी, वात, अरुचि, गल्म, मंदाग्नि और क्षय रोग का नाश होता है । हृदय रोगियों के लिए यह अतिगुणकारी है ।
विभिन्न रोगों मे उपयोग-
ज्वर होना-चन्दन की लकड़ी और तालीस पत्र को पानी मे पीसकर लेप करने से बुखार,खांसी,सिरदर्द,जुकाम मे लाभ होता है|
ब्रोंकाईटीज़,सांस की नली की सूजन-
पुरानी श्वास नली की सूजन को ठीक करने के लिए तालीस पत्र का काढ़ा बानाकर उपयोग करें|
सभी रोगों मे-
10 ग्राम तालीस पत्र ,20 ग्राम काली मिर्च,30ग्राम सोंठ,40 ग्राम पीपल,50 ग्राम वंश लोचन,60 ग्राम इलायची तथा 300 ग्राम मिश्री इन सबको लेकर बारीक चूर्ण बना लें |इसे शहद के साथ लेने से सभी रोगों मे फायदा होता है|बुखार ,काँसी,हिचकी,,श्वास रोग,पेचिश रोग दूर होते हैं|
गर्भ निरोध-
तालीस पत्र और गेरू 10-10 मात्रा मे लेकर बारीक चूर्ण तैयार करें| मासी धर्म हो चुकने के बाद इस मिश्रण को लगातार 2 दिन लेने से गर्भ धारण नहीं होता| सुबह शाम दोनों वक्त लेना है|












Post a Comment

Featured Post

किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार //Kidney failure, information and treatment

किडनी कैसे काम करती है? किडनी एक बेहद स्पेशियलाइज्ड अंग है. इसकी रचना में लगभग तीस तरह की विभिन्न कोशिकाएं लगती हैं. यह बेहद ही पतली...