Tuesday, February 14, 2017

पेट के अल्सर (छाले) के घरेलू उपचार Home remedies for stomach ulcer







अल्सर की बीमारी कैसे होती हैं.

जब मानव शरीर में स्थित भोजन को पचाने वाला अम्लीय पदार्थ अमाशय की दीवारों को क्षति पहुंचाने लगता हैं तो व्यक्ति को अल्सर का रोग हो जाता हैं.अल्सर व्यक्ति के अमाशय या छोटी आंत के ऊपरी हिस्से में फोड़े निकलते हैं. अल्सर को अमाशय का अल्सर, पेप्टिक अल्सर तथा गैस्ट्रिक अल्सर के नाम से भी जाना जाता हैं.
कारण (Causes) –
अत्याधिक दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना।
अधिक चाय या काफी पीना।
अधिक गरम मसालें खाना।
अधिक तनाव लेना।
गलत तरह के खान-पान करना।
अनियमित दिनचर्या।
अधिक धूम्रपान करना।
*अल्सर अधिक गर्म खट्टे, मिर्च मसलों वाला भोजन करने के कारण हो कसता हैं.
इसके अलावा जो व्यक्ति ज्यादा क्रोध करते हैं,तनावग्रस्त रहते हैं, जल्दी किसी भी कार्य को करने के लिए उत्तेजित रहते हैं, चिंता अधिक करते हैं, दूसरों सेइर्ष्या करते हैं. उन्हें भी यह बीमारी हो सकती हैं
*जो व्यक्ति अधिक चाय, कॉफ़ी तथा शराब का सेवनकरते हैं. उन्हें भी अल्सर हो सकता हैं
लक्षण (Symptoms) –
* अल्सर होने पर मानव शरीर में स्थित अमाशय तथा पक्वाशय में घाव होता हैं.
*धीरे – धीरे इस घाव से मनुष्य के ऊतक भी प्रभावितहोने लगते हैं.
*अमाशय में घाव होने के बाद पाचक रसों की क्रिया ठीक ढंग से कार्य नहीं कर पाती. जिससे ये घाव फोड़ों का रूप धारण कर लेते हैं.
पेट में कब्ज की शिकायत रहती हैं तथा मल के साथ खून भी आता हैं.
* इस रोग से ग्रस्त होने के बाद व्यक्ति शरीरिक रूप से अधिक कमजोर हो जाता हैं और उसके पेट की जलन उसकी छाती को भी प्रभावित करती हैं. जिससे उसके पेट के साथ – साथ छाती में भी जलन होने लगती हैं.
* इस रोग से पीड़ित व्यक्ति अधिकतर समय बुझा – बुझा सा रहता हैं, उसका स्वभाव चिडचिडा हो जाता हैं, जिसके परिणाम स्वरूप उसे छोटी – छोटी बातों पर गुस्सा आने लगता हैं.
इलाज व सावधानी- पेप्टिक अल्सर का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। अपनी दिनचर्या व खान-पान में बदलाव करना ज़रूरी है। समय पर सोये व सुबह नियम से जल्दी उठने की आदत डाले। प्रातः व्यायाम करे या भ्रमण के लिए अवश्य जाये। इससे फेफड़ो को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। पेट में कब्ज न होने दे। तेज मसालेदार, या तेज नमक मिर्च वाले खाने तथा तले - भुने खाद्य पदार्थो से परहेज करे।
भोजन में कच्ची सब्जिया जैसे, लौकी, टमाटर, गाजर, मूली, चुकंदर, व फलो में अमरुद, पपीता, अंजीर का सेवन करना फायदेमंद होगा। बेल फल का सेवन अलसर में लाभकारी साबित होगा। ३-५ ग्राम मुलैठी पाउडर गरम दूध के साथ पीने से अलसर से आराम मिलता है। ताजे फलो का रस व मट्ठा आदि का सेवन भी लाभकारी है।-
*पानी अधिक मात्रा में पिए। दिन में कम से कम ३ -४ लीटर पानी पीना उचित है। धूम्रपान व शराब का सेवन न करें। किसी भी तरह का उपचार शुरू करने से पहले डॉक्टर का परामर्श अवश्य ले। तनाव व चिंता से मुक्त रहे। हमेशा खुश रहे।
*अल्सर का रोग होने पर व्यक्ति के पेट में हमेशा जलन होती रहती हैं, उसे अधिक खट्टी ढकारें आती हैं, सिर में दर्द होने लगता हैं और चक्कर आने लगते हैं.


*.अल्सर के होने पर मनुष्य की भोजन के प्रति रूचि ख़त्म हो जाती हैं, उसके शरीर में पित्त की मात्रा बढती जाती हैं.

अल्सर के लिए घरेलू उपचार (Treatment Of Ulcer Disease)
*संतरे का रस (Orange Juice) -
यदि जांच कराने के बाद आपको पता चले की आपके पेट में घाव हो गया हैं तो इस घाव को जल्द भरने के लिए रोजाना दिन में दो बार एक छोटा गिलास संतरे का रस पियें. संतरे का रस रोजाना पीने से घाव जल्द ही भर जाएगा.गुडहल : गुडहल की पत्तियों के रस का शरबत बनाकर पीने से अल्सर रोग ठीक होता है।
बेलफल की पत्तियों का सेवन :
बेल की पत्तियों में टेनिन्स नामक गुण होता है जो पेट के अल्सर को ठीक करते हैं। बेल का जूस पीने से पेट का दर्द और दर्द ठीक होता है।
गाजर और पत्ता गोभी का रस :
पत्तागोभी पेट में खून के प्रभाव को बढ़ाती है और अल्सर को ठीक करती है। पत्ता गोभी और गाजर का रस मिलाकर पीना चाहिए। पत्ता गोभी में लेक्टिक एसिड होता है जो शरीर में एमीनो एसिड को बनाता है।
सहजन :
दही के साथ सहजन के पत्तों का बना पेस्ट बना लें और दिन में कम से कम एक बार इसका सेवन करें। इस उपाय से पेट के अल्सर में राहत मिलती है।
मेथी का दाना :
अल्सर को ठीक करने में मेथी बेहद लाभदायक होती है। एक चम्मच मेथी के दानों को एक गिलास पानी में उबालें और इसे ठंडा करके छान लें। अब आप शहद की एक चम्मच को इस पानी में मिला लें और इसका सेवन रोज दिन में एक बार जरूर करें। ये उपाय अल्सर को जड़ से खत्म करता है।
.केला (Banana) -
अल्सर के रोग से पीड़ित होने पर आप केलों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. केलों का इस्तेमाल करने के लिए दो केले लें और उन्हें छिल लें. इसके बाद इन केले के गुदे को मैश कर लें और उसमें थोडा सा तुलसी के पत्तों का रस मिला दें. इसके बाद इसका सेवन करें. आपको अल्सर के रोग में काफी राहत मिलेगी.
अल्सर के रोग से पीड़ित रोगी के लिए कच्चे केले भी बहुत ही लाभकारी सिद्ध होते हैं. इसलिए इसका भी प्रयोग वह इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए कर सकत़ा हैं. इस रोग को दूर करने के लिए अधिक से अधिक कच्चे केले की सब्जी बनाएं और उसमें हिंग पाउडर मिलाकर खाएं.
पेट में दर्द (Abdominal Pain) –
यदि अल्सर कारोग होने के बाद आपके पेट में हेमशा दर्द रहता हैं तो इस दर्द को दूर करने के लिए एक काम्म्च जीरा, एक चुटकी सेंधा नमक, दो रत्ती घी में भुनी हुई हिंग लेकर इन सभी को एक साथ मिला लें. इसके बाद इस चुर्ण का सेवन दिन में दो बार भोजन ग्रहण करने के पश्चात् करें. आपको लाभ होगा.
अजवायन (Parsley) –
अल्सर के रोग से जल्द मुक्त होने के लिए 3 छोटी हरड, कुछ मुनक्का जिनमें बीज न हो, डेढ़ चम्मच अजवायन लें. इसके बाद इन सभी चीजों को मिलाकर चटनी बना लें और इस चटनी का सेवन रोजाना करें.
चुर्ण (Powder) –
अल्सर के रोग को से बचने एक लिए आप चुर्ण का प्रयोग भी कर सकते हैं. चुर्ण बनाने के लिए
* 1 चम्मच अजवायन, 3 चम्मच धनिया पाउडर, 2 चम्मच जीरा पाउडर और एक चुटकी हिंग पाउडर लें और इन सबको मिला लें. अब इस चुर्ण का सेवन भोजन करने के पश्चात् करें. जल्द ही आपको इस रोग से मुक्ति मिल जायेगी.
* आंवले का मुरब्बा (Amla ’s Jam) –
अगर अल्सर के रोग से पीड़ित व्यक्ति दिन में एक बार आंवले के मुरब्बे के रस में आधा गिलास अनार का जूस मिलाकर पियें तो भी उसे इस रोग से जल्द ही आराम मिल जाता हैं.


शहद :

पेट के अल्सर को कम करता है शहद। क्योकिं शहद में ग्लूकोज पैराक्साइड होता है जो पेट में बैक्टीरिया को खत्म कर देता ह। और अल्सर के रोगी को आराम मिलता है।
नारियल :
नारियल अल्सर को बढ़ने से रोकता है साथ ही उन कीड़ों को भी मार देता है जो अल्सर को बढ़ाते हैं। नारियल में मौजूद एंटीबेक्टीरियल गुण और एंटी अल्सर गुण होते हैं। इसलिए अल्सर के रोगी को नारियल तेल और नारियल पानी का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए।
बादाम :
बादाम को पीसकर इसे अल्सर के रोगी को देना चाहिए। इन बादामों को इस तरह से बारीक चबाएं कि यह दूध की तरह बनकर पेट के अंदर जाएं।
लहसुन :
लहुसन की तीन कच्ची कलियों को कुटकर पानी के साथ सेवन करें।
गाय का दूध :
गाय के दूध में हल्दी को मिलाकर पीना चाहिए। हल्दी में मौजूद गुण अल्सर को बढ़ने नहीं देते हैं।
*आंवला (Amla) -
अल्सर से जल्द छुटकारा पाने के लिए के लिए 2 चम्मच आंवले का पिसा हुआ चुर्ण लें और इसे रात को पानी में भिगोकर सो जाएँ. इसके बाद एक चम्मच पीसी हुई सोंठ लें, 2 चम्मच मिश्री का पाउडर लें. अब इन सभी को उस पानी में मिला दें.इसके बाद इस पानी का सेवन करें. अल्सर में काफी लाभ होगा.
अल्सर के लिए जरूरी परहेज :
*अधिक मिर्च मसाले और जंक फूडस से परहेज करें।
*चाय, काफी और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करना बंद कर दें।
*अपने को तनाव मुक्त रखें। हर रोज सुबह-शाम पैदल घूमें।
*अधिक दवाओं का सेवन न करें।
*अल्सर का अधिक बढ़ने पर इसका ऑपरेशन ही एक मात्र उपाय है। यदि यह कैंसर में बदल जाता है तो अल्सर की कीमोथैरेपी की जाती है।
*यदि आप चाहते हैं कि अल्सर का रोग आपको न लगें तो आपको अपने खान-पान और गलत लतों को छोड़ना होगा।
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