Friday, February 10, 2017

शलजम खाने के फायदे Benefits of eating turnips


शलजम (शलगम) खाने के फायदे-
*शलजम बहुत कम कैलोरी वाली सब्जी है। इसे एंटी-ऑक्‍सीडेंट, मिनरल और फाइबर का बहुत अच्‍छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर के लिए आवश्‍यक और शक्तिशाली घुलनशील एंटी-ऑक्सीडेंट है। इसका सेवन शरीर में इम्‍यूनिटी को बढ़ाता है और हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स, कैंसर और सूजन से शरीर की रक्षा करता है। इसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। शलजम की सब्जी किसी भी तरह के रोगियों को बिना किसी डर के सेवन कराई जा सकती है।आइये जानते है कि शलगम किन्न-किन्न रोगों में काम करता है-
*शलजम की सब्जी पोषक तत्वों से भरपूर होती है। विटामिन ए, सी और के से भरपूर इस हरे पत्तेदार को सलाद के रूप में भी खाया जाता है। इसमें कम कैलोरी होती है, जिस वजह से ये वजन कम करने वालों के लिए एक बेहतर विकल्प है। फाइबर से भरपूर ये सब्जी पाचन को बेहतर करने और आपको कब्ज जैसी गंभीर समस्या से बचाने में भी सहायक है। 



पाचन बढ़ाने में सहायक- 
लजम में भरपूर मात्रा में फाइबर होते हैं, जिस वजह से ये मल त्याग में सुधार करने में सहायक है। अगर आप कब्ज की समस्या से पीड़ित हैं, तो ये सब्जी जरूर खाएं
शलजम में कई चौंका देने वाले गुण पाए जाते हैं। इससे हमारे शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचता है। यह हार्ट अटैक सहित दिल की दूसरी बीमारी और कैंसर को भी रोकता है। इतना ही नहीं शलजम हमारे इम्यून सिस्टम, आंखों की रोशनी, हड्डी और त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।
*यह ब्लड में कोलेस्टेरोल के स्तर को कम करता है, आस्टिओपरोसिस, गठिया रोग व मोतियाबिंद से बचाता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। शलजम से होने वाले स्वास्थ लाभ को पाने के लिए आप इसे सीधे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। आप इसका इस्तेमाल सूप, सलाद और रायता के रूप में भी कर सकते हैं।
ब्लड प्रेशर कम करती है- 
एक अध्ययन के अनुसार, शलजम में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, जिस वजह से ये आपकी धमनियों को फैलाने और शरीर से सोडियम जारी करने में सहायक है !
इम्युनिटी मजबूत करने में सहायक- 
अगर आप बार-बार सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित होते हैं, तो शलजम को अपनी डायट में जरूर शामिल करें। ये इम्युनिटी मजबूत करने में सहायक है। पोषक तत्वों और फ्लेवोनोइड्स से भरपूर ये सब्जी आपको स्वस्थ रखती है।
पायरिया रोगी को शलजम खाने से भी लाभ होता है। शलजम और टमाटर का रस सौ-सौ ग्राम मात्रा में मिलाकर पीने से पायरिया रोग दूर होता है।
शलजम को सब्जी, सूप और सलाद के रूप में सेवन करने से मधुमेह रोगी को बहुत लाभ होता है।



*शलजम और कुलथी के बीजों को तीन-तीन ग्राम मात्रा में लेकर, उसमें तीन दाने काली मिर्च मिलाकर दो सौ ग्राम पानी में उबालें। सौ ग्राम पानी शेष रह जाने पर पानी को छानकर पीने से मूत्राशय की पथरी दूर होने लगती है।
*पांवों में सूजन हो जाने पर शलजम को उबालकर, उस पानी में पांव रख कर बैठने से सूजन और बिवाई दूर होती है।
*अधिक बोलने से स्वरभंग होने या गला बैठने पर शलजम की सब्जी खाने से बहुत लाभ होता है।
*शलजम को काटकर उबालकर, उसको पीसकर पांव की बिवाइयों में भर देने से बहुत लाभ होता है। सूजन व पीड़ा भी दूर होती है।
*शलजम को उबालकर, उस पानी को छानकर उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर पीने से गले की समस्या व खांसी का प्रकोप शांत होता है।
जिन्हें श्वास रोग की समस्या है उन्हें शलजम को पानी में उबालकर, छानकर उस पानी में चीनी मिलाकर पीना चाहिए।
*शलजम का सूप बनाकर सेवन करने से भी बहुत लाभ होता है। इसके अलावा, अस्थमा रोगी को शलजम, बंद गोभी, गाजर और सेम का रस मिलाकर पीने से बहुत लाभ होता है
मुत्रावरोध – 
शलगम व मूली साथ-साथ काटकर खाने से पेशाब रुक-रुक कर होना, कम होना ठीक हो जाता है |



*कैल्सियम और पोटैशियम से भरपूर शलजम आस्टिओपरोसिस और गठिया रोग में बहुत ही फायदेमंद है।

हड्डियों के लिए बेहतर- 
विटामिन और पोटेशियम के अलावा शलजम कैल्शियम का भी एक समृद्ध स्रोत है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है।
बिवाई फटना – 
पानी में शलगम के टुकड़े उबालकर, उस पानी से बिवाइयों को धोवें तथा उन टुकड़ों को रगड़कर रात को सोते समय सुखा कपड़ा लपेट लें |लगभग एक सप्ताह में बिवाई ठीक हो जाती है |
दमा –
 शलजम, गाजर, सेम तथा बंदगोभी का रस आवश्यकतानुसार सुबह-सायं पीने से दमा शान्त हो जाता है |
दंतशूल एंव मसूढ़ों से खून –
 आने की स्थिति में शलगम नियमित रूप से जाड़े के दिनों में खायें |
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