Tuesday, January 17, 2017

जड़ी बूटियों से करें प्राकृतिक उपचार

     दवाओं की तुलना में उनका हर्बल उपचार करना ज्यादा बेहतर होता है। सैकड़ों वर्षों से हमारे देश में आयुर्वेद के अनुसार इलाज होता आ रहा है। एक अध्ययन के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी होते हैं इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। हम आपको कुछ हर्ब्स के बारे में बता रहे हैं जिनका आप रोज सेवन करेंगे तो आप छोटी मोटी स्वास्थ्य समस्याओं से बचे रहेंगे।
लहसुन
डायरिया, कब्ज, जुकाम, खांसी और साइनस में फायदेमंद, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।
उपयोग करने का तरीका:
प्रतिदिन 2-3 ताजा कली खाएं, लहसुन में एलिसिन मौजूद होता है इसके बाजार में कैप्सूल उपलब्ध हैं जिन्हें आप खा सकते हैं।
अदरक
फायदे:
जी मिचलाना, उल्टी, पेट की बीमारियों में फायदेमंद, सर्दी और फ्लू से निजात दिलाता है।
उपयोग करने का तरीका:
अदरक की चाय बनाकर पियें।
नुकसान:
ज्यादा मात्रा में अदरक का सेवन करने पर सीने में जलन की समस्या होने लगती है। गर्भवती महिलाओं को एक दिन में इसकी 1500 मिग्रा से अधिक मात्रा नहीं लेनी चाहिए।
अश्वगंधा
फायदे:
त्वचा चमकदार बनती है, दर्द निवारक के रुप में इस्तेमाल होता है, तनाव को कम करता है, वजन बढ़ाने में सहायक, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देता है
उपयोग करने का तरीका:
आप अश्वगंधा की चाय बनाकर पी सकते हैं। इसके लिए एक कप पानी या दूध में एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण या एक उसकी जड़ के साथ उबाल लें इसे दिन में दो बार पियें। आजकल बाजार में अश्वगंधा कैप्सूल भी उपलब्ध हैं।
नुकसान:



अश्वगंधा के ज्यादा सेवन से नींद आती है, थायराइड हार्मोन को उत्तेजित कर देता है, शरीर की गर्मी बढ़ जाती है।

एल्डरबेरी
फायदे:
एल्डरबेरी के फूलों का इस्तेमाल सर्दी, जुकाम, फ्लू के इलाज के लिए होता है और इसमें जीवाणुरोधी गुण भी होता है।
उपयोग करने का तरीका:
दो चम्मच एल्डरबेरी के फूल की पत्तियां को एक कप पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं और इसे दिन में 2-3 बार पियें।
क्रैनबेरी

फायदे:
मूत्राशय के संक्रमण, प्रोस्टेंट ग्रंथि में होने वाला संक्रमण, सूजन प्रोस्टेटाइटिस को रोकने में उपयोग करने का तरीका:
प्रतिदिन आधा या तिहाई कप क्रैनबेरी का जूस पिएं। बाजार में उपलब्ध क्रैनबेरी कैप्सूल भी आप दिन में दो बार ले सकते हैं।



सेज


फायदे:
गले में खराश, खांसी और जुकाम में आराम मिलता है, जिन्हें ज्यादा पसीना आता है और रात में सोते वक्त पसीना आता है उनके लिए भी फायदेमंद है।
उपयोग करने का तरीका:
1 कप पानी में सेज की पत्तियां डालकर उबालें और ठंडा होने पर पियें। एक गले में खराश होने पर कुल्ला या गरारा करें।
सुझाव:
महिलायें गर्भावस्था के दौरान इसका उपयोग न करें।
गुड़हल

फायदे:
ब्लड प्रेशर को कम करता है, गले की बीमारियों और जुकाम को ठीक करने में फायदेमंद
उपयोग करने का तरीका:
1-2 चम्मच गुड़हल की पत्तियों को 10 मिनट तक पानी में उबालकर पियें।
मार्शमैलो

फायदे:



मार्शमैलो की जड़ या पत्ती एसिडिटी, गले में खराश और पेट की सूजन में फायदेमंद है।

उपयोग करने का तरीका:
एक चम्मच सूखी कटी हुई जड़ या पत्तियों को 2 कप पानी में उबालें और ठंडा होने पर इसे पियें।
सुझाव:
यदि मार्शमैलो के साथ कोई अन्य दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो इनके बीच कम से कम एक घंटे का गैप रखें क्योंकि तुरंत लेने पर मार्शमैलो उनके प्रभाव को कम कर सकता है।
कैटनिप

फायदे:
पेट ठीक रखता है, चिंता और तनाव को कम करता है
उपयोग करने का तरीका:
एक कप पानी में 4 से 5 ताजी या सूखी पत्तियों को डालकर 5 मिनट तक उबालें। इस काढें में आप चाहें तो स्वाद के लिए चीनी भी मिला सकते हैं। इसे दिन में कम से कम दो बार पियें।
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