Friday, January 20, 2017

प्रसव पीड़ा का सामना कैसे करें?: How to deal with labor pains?


  आप नौ महीने तक इस कीमती पल का इंतज़ार करते हैं। और यदि आपकी निर्धारित तारीख आने वाली है तो आप और भी अधिक अधीर हो जाते हालाँकि इस स्थिति से आप आसानी से और धैर्य से निपट सकते हैं। कभी कभी गर्भवती महिला अस्पताल पहुँचने से पहले प्रसव पीड़ा प्रेरित करने के लिए कई घरेलू उपचार लेती है।
    अगर आपको पता हो कि प्रसव के दौरान अपनी मदद के लिए आप क्या कर सकती हैं, तो यह आपके प्रसव अनुभव को सकारात्मक बनाने में मददगार हो सकता है। नीचे दी गईं हमारी तकनीकें भी आपको प्रसव पीड़ा का सामना करने में मदद करेंगी।
प्रसव का अनुभव दर्दभरा होता है। मगर, इस अनुभव को थोड़ा आसान बनाने के लिए आप काफी कुछ कर सकती हैं। देखें कि आप इस स्थिति में खुद को यथासंभव सहज कैसे रख सकती हैं, ताकि आप हर संकुचन का पूरा फायदा उठा सकें और अपने प्रसव को और आगे बढ़ा सकें।
*प्रसव के साथी
प्रसव के दौरान अपने साथ ऐसे व्यक्ति को रखें जिन पर आप स्नेह और विश्वास रखती हैं। यह व्यक्ति आपके पति, माँ या सास हो सकती हैं। ये आपकी हिम्मत को बढ़ा सकते हैं और आपको सहयोग कर सकते हैं। ये आपकी बात को डॉक्टर या नर्स तक पहुंचाने का काम भी कर सकते हैं।

*सही मुद्रा चुनें
आप प्रसव के दौरान किस मुद्रा में हैं, इससे आपको होने वाले दर्द और प्रसव की अवधि पर काफी असर पड़ता है। माना जाता है कि सीधे खड़े रहने से प्रसव में तेजी आती है और गुरुत्वाकर्षण बल आपके शिशु के जन्म को और आसान बनाता है। पीठ के बल लेटे रहने से आपका रक्त प्रवाह सीमित हो जाता है और आपके शिशु का जन्म हो पाना मुश्किल बना देता है। यह आपके पीठ के दर्द को भी और बढ़ा सकता है।
इसलिए, अगर आप बिस्तर पर हैं, तो अपनी पीठ के पीछे तकिये लगा लें, ताकि आप बैठी हुई स्थिति में आ जाएं। अगर, आपकी डॉक्टर अनुमति दें, तो आप खड़े होने या पलंग या दीवार को पकड़कर आगे की तुरफ झुकने का प्रयास कर सकती हैं।
*संकुचनों के बीच चहलकदमी
यह साबित हो चुका है कि संकुचनों के बीच चहलकदमी करना, आपके प्रसव की समयावधि घटा देता है। अपने पति या माँ को अपने साथ चलने के लिए कहें, ताकि आप संकुचन के दौरान उनका सहारा ले सकें।
*जीरे की चाय पियें: 

जीरे का उपयोग पाचन सम्बन्धी परेशानियों के लिए किया जा सकता है और यह मासिकधर्म की शुरुआत कराने और गैस में राहत दिलाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है |जीरे की एक कप चाय का उपयोग करते हुए प्रसव लायें |
चाय की कडवाहट को दूर करने के लिए थोड़ी चीनी या शहद मिलाएं |
*निप्पल को उत्तेजित करना-
यदि आप बिना किसी जटिलताओं के एक सुरक्षित और आरामदायक गर्भावस्था से गुज़र रहे हैं तो प्रसव पीड़ा को प्रेरित करने का यह एक उत्तम तरीका है। निप्पल को उत्तेजित करना बहुत आसान है तथा तथा इसके कारण प्रसव पीड़ा प्रेरित होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है क्योंकि इसके कारण ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन का स्त्राव होता है जिसके कारण गर्भाशय में संकुचन होता है। यदि आप 40 सप्ताह से अधिक समय से गर्भवती हैं तो यह पद्धति काफी प्रभावी होती है। आपको इसे दिन में तीन बार एक एक घंटे करना होगा। परंतु ध्यान रहे कि इसे हल्के हाथों से करें। असके अलावा ऐसी गर्भावस्था जिसमें अधिक खतरा हो जैसे गर्भावस्था में मधुमेह, प्रीक्लाम्पसिया या उच्च रक्तदाब आदि

*प्रसव के दौरान श्वसन व्यायाम-
लयबद्ध तरीके से सांस लेने से आपको ऊर्जा संरक्षण में मदद कर सकता है। यह ऊर्जा आपको प्रसव से बेहतर तरीके से निपटने में मदद कर सकती हैं। इससे आपके शिशु को भी पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, ताकि वह भी जन्म के तनाव का सामना बेहतर ढंग से कर सके।
*मुलहटी खाएं: 
काली मुलहटी (ब्लैक लिकोरिस) के बारे में कहा जाता है कि यह प्रसव को प्रेरित करती है | प्राकृतिक मुलहटी का उपयोग करें जिसमे शर्करा कम मात्रा में पाई जाती है | आप इसे पिल्स के रूप में भी ले सकती हैं | मुलहटी अपने लेक्सेटिव (laxative) प्रभाव के द्वारा आँतों में ऐंठन उत्पन्न कर सकती है | आँतों की ऐंठन से गर्भाशय की ऐंठन को प्रेरित करने में मदद मिल सकती है
*आरामदायक स्नान करें- 

गरम पानी से नहायें और आपकी प्रसव पीड़ा प्रारंभ हो जायेगी। आपकी भावनात्मक स्थिति भी आपके गर्भाशय में संकुचन उत्पन्न करने में सहायक होती है। सावधान रहें, पानी बहुत ज़्यादा गरम न हो क्योंकि इसके कारण आपके बच्चे को तनाव हो सकता है क्योंकि वह आपके शरीर के अंदर हैं जहाँ पहले से ही तापमान अधिक होता है। नहाने के इस पानी में आप लैवेंडर तेल की 1-2 बूंदे भी डाल सकते हैं इससे आपके शरीर को भी आराम मिलेगा तथा आपका मूड भी अच्छा हो जाएगा
*प्रसव के दौरान खान-पान-
कई महिलाओं को प्रसव के दौरान भूख व प्यास लगती है। ऐसा होना संभव है, क्योंकि अगर यह आपका पहला बच्चा है, तो आपका प्रसव लंबा चल सकता है। ऐसे भोजन खाएं, जो आपको लंबे समय के लिए ऊर्जा प्रदान करें, जैसे कि केले या एनर्जी बार। जितनी बार आपको प्यास लगे, आप पानी पीएं।
*अनानास-
अनानास भी प्रसव पीड़ा को उत्तेजित करने में सहायक है क्योंकि इसमें ब्रोमेलैन नामक एंजाइम होता है जो गर्भाशय को नरम करता है और उसे पकता है। यदि आपकी गर्भावस्था के 40 महीने पूरे हो चुके हैं तो आप ताज़े अनानास खाकर भी स्वयं की सहायता कर सकते हैं। परंतु आपको सावधान रहने की आवश्यकता है क्योंकि इसे अधिक मात्रा में खाने से डायरिया हो सकता है और निश्चित रूप से जब आप प्रसव पीड़ा से गुज़र रहे हों तब आप यह नहीं चाहेंगे कि आपका पेट ख़राब हो। अनानास का जूस न पीयें क्योंकि जूस में ब्रोमेलैन नामक तत्व समाप्त हो जाता है।
*प्रसव के दौरान आराम-
प्रसव के दौरान आराम करना वास्तव में आसान नहीं है, मगर ऐसी कई तकनीक हैं जो आपकी इस काम में मदद कर सकती हैं। आराम करने से आप अपनी ऊर्जा का संरक्षण कर सकती हैं, ताकि आपको अपने संकुचन मजबूत करने या शिशु को जन्म देने में व्यवधान की जरुरत न पड़े|
*मसालेदार खाना खाएं-
अधिकाँश महिलाएं मसालेदार खाना खाना पसंद करती हैं विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान क्योंकि उनकी स्वादेन्द्रियाँ मसालेदार और स्वादिष्ट खाने की मांग करती हैं। अत: मसालेदार खाना भी प्रसव पीड़ा को उत्तेजित करता है। हालाँकि यह पूर्ण रूप से सिद्ध नहीं हुआ है। प्रसव पीड़ा को उत्तेजित करने में लहसुन एक बड़ी भूमिका निभाता है। यह आपके मल निष्कासन को उत्तेजित करता है तथा परिणामस्वरूप आपका मल पतला हो जाता है। इससे आपका गर्भाशय उत्तेजित हो जाता है तथा परिणामस्वरूप गर्भाशय में संकुचन प्रारंभ हो जाता है। इसके अलावा इसके द्वारा बच्चे को नीचे की ओर आने में सहायता मिलती है। इससे आपके बच्चे को बाहर आने में सहायता मिलती है।

*प्रसव के दौरान मालिश-
प्रसव के दौरान मालिश आपको आराम दे सकती है, क्योंकि इससे आपके शरीर में अच्छा महसूस करने वाले हॉर्मोन पैदा होते हैं। ये हॉर्मोन आपको आराम करने में मदद करेंगे। हालांकि, सभी महिलाओं को प्रसव के दौरान मालिश करना पसंद नहीं आता है। अपने प्रसव के सहयोगी को बताएं कि आप क्या चाहती हैं।
*कैस्टर ऑइल (एरंड का तेल)-
एरंड का तेल बहुत अधिक रेचक है तथा कुछ मामलों में यह प्रसव पीड़ा को उत्तेजित कर सकता है। अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसकी कुछ मात्रा (114 मिली.) संतरे के रस में मिलकर लें। एरंड के तेल की चिकनाई पेट को उत्तेजित करती है जिसके कर्ण आपका मल पतला हो जाता है जिसके कारण गर्भाशय में संकुचन आना प्रारंभ हो जाते हैं। याद रखें इसकी थोड़ी मात्रा लेने से भी आपको मितली आ सकती है। आप प्रसव पीड़ा उत्तेजित करने के लिए पूर्ण रूप से इस पद्धति पर निर्भर नहीं रह सकते क्योंकि कभी कभी इसका उपयोग कोई असर नहीं करता। एरंड का तेल केवल पेट ख़राब करता है। इसके कारण मां या बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
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