Thursday, January 19, 2017

डेंगू बुखार से न घबराएँ, करें ये उपाय



  डेंगू बुखार मच्छरों द्वारा फैलाई जाने वाली बीमारी है. एडीज मच्छर (प्रजाति) के काटने से डेंगू वायरस फैलता है. बुखार के दौरान प्लेटलेट्स कम होना इसका मुख्य लक्षण हैं. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता. बुखार के साथ सबसे सामान्य लक्षण है सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और त्वचा का खराब हो जाना|
1)बुखार होने पर रोगी को लगातार पानी पिलाते रहें|,अगर सादा पानी ना पीया जाए तो नारियल पानी,शिकंजी,शरबत आदि पीते रहे,सबसे अधिक प्रयास बुखार उतारने का करें |पानी की पट्टियां बदते रहें|
2)अगर डेंगू का टेस्ट पोसिटिव भी आया है तो घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है |अगर लगातार पानी पीया जा रहा है और रोगी दो तीन घंटे में पेशाब कर रहा है तो तनिक भी घबराने की आवश्यकता नहीं है| बिना दवा के भी ,,डेंगू और अन्य वाइरल बुखार एक से डेढ़ हफ्ते में ठीक हो जाते है बशर्ते रोगी लगातार पानी पीता रहे |
3) डेंगू में आम तौर पर खतरनाक स्थिति तब नहीं बनती जब तक रोगी को बुखार रहता है| असली ख़तरा बुखार उतरने के बाद बढ़ता है जब रोगी लापरवाही से शारीरिक श्रम करने लगता है|सावधानी रखें ,पूर्ण विश्राम करें और पानी लगातार पीते रहे अगर बुखार के बाद रोगी उठने तक में असमर्थ अनुभव कर रहा है जोड़ों में भयानक दर्द अनुभव कर रहा है तो फिर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें |



4)अगर उच्च और निम्न रक्तचाप में 40 से अधिक का अंतर आये ,लगातार पेट में दर्द बना रहे ,शरीर पर लाल चकत्ते बन रहे हो तब चिकित्सक से अवश्य परामर्श करें,लेकिन उस अवस्था में भी अगर रोगी लगातार पानी पी रहा है और घंटे दो घंटे में पेशाब करने जा रहा है तो घबराने की तनिक भी आवश्यकता नहीं है|

5) गिलोय का आयुर्वेद में बहुत महत्व है. यह मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखने और बॉडी को इंफेक्शन से बचाने में मदद करती है. गिलोय की बेल का लगभग 8 इंच का टुकडा एक गिलास पानी में उबाले ,आधा रहने पर रोगी को पिलायें अगर पीने में असुविधा हो रही हो तो उसे शरबत में मिला कर पिला दें इसमें तुलसी के पत्ते भी डाले जा सकते हैं|,लाभ अवश्य होगा|
6)एक बात जान लें कि डेंगू की कोई वेक्सीन नहीं बनी है इसलिए किसी लालची डॉ के पास धन और समय की बर्बादी ना करें |अगर बुखार उतारने के लिए कोई अंगरेजी दवा लेनी ही हो तो केवल पेरासीटामोल ही लें ,अन्य कोई भी दवा किसी भी हालत में ना लें|
7)यदि किसी को डेगूँ या साधारण बुखार के कारण प्लेटलेट्स कम हो गयी है तो एक होम्योपैथिक दवा है-
यूपेटर पर्फ़ 3x
   इस दवा की डायलुशन की 3 या 4 बूँदें प्रत्येक 2-2 घँटें में साधारण पानी में ड़ाल कर मात्र 2 दिन पिलायें । प्लेटलेट्स कम नहीं होगीं।
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