2.12.16

मखाने खाने के अनुपम फायदे // Unique benefits of Makhane


मखाने देखने में तो गोल मटोल सूखे दिखाई देते है पर यह कई औषधीय गुणों से भरपूर होते है । हमारे स्वास्थ्य को तंदरूस्त रखने में मदद करते है। मखानों का प्रयोग हम भोजन में भी कर सकते है। मखाने में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते है। मखानों से तैयार खीर बहुत ही स्वादिष्ट होती है। सब्जी और भुजिया में भी मखाने डालें जाते हैं। मखाने खाने से शरीर को कई रोगों से छुटकारा मिलता है।
मखाना हम खाते रहते हैं उपवास में – खीर के रूप में या नमकीन भुने रूप में मखाना कमल का बीज नहीं होता है ,इसकी एक अलग प्रजाति है, यह भी तालाबों में ही पैदा होता है लेकिन इसके पौधे बहुत कांटेदार होते हैं ,इतने कंटीले कि उस जलाशय में कोई जानवर भी पानी पीने के लिए नहीं घुसता,जिसमे मखाने के पौधे होते हैं। इसकी खेती बिहार के मिथिलांचल में होती है मखाना को देवताओं का भोजन कहा गया है । उपवास में इसका विशेष रूप से उपयोग होता है । पूजा एवं हवन में भी यह काम आता है । इसे आर्गेनिक हर्बल भी कहते हैं । क्योंकि यह बिना किसी रासायनिक खाद या कीटनाशी के उपयोग के उगाया जाता है ।

मखाने का इस्तेमाल नमकीन, मिठाई से लेकर खीर बनाने के लिए होता है। मखाने से खीर व मिठाई का स्वाद बढ़ जाता है। लेकिय आप में से बहुत कम लोग जानते हैं कि मखाना पोषक तत्वों की भूरपूर मात्रा होती है जो आपके कई रोगों को भी ठीक कर सकता है। शरीर को सेहतमंद और ताकत देने के अलावा भी इसके कई फायदे हैं।
किडनी के लिए लाभदायक :
 मखाना खाने से किडनी स्वस्थ रहती है। क्योंकि इसमें स्पलीन को डिटाक्सिीफाइड करने की क्षमता होती है। और इस वजह से कीडनी को पोषक तत्व ठीक मात्रा में मिलते रहते हैं। कीडनी में जमी गंदगी से लेकर बीमारी तक दूर करता है मखाना। 
.दर्द में दवा का काम करता है मखाना :

 हड्डियों का दर्द, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द या घुटने का दर्द। मखाना खाने से ये दर्द ठीक होने लगते हैं। मखाने में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। यह शरीर में कैल्शियम की कमी को भी पूरा करता है।
बढ़ती उम्र को रोकता है, 
एंटी-एजिंग गुण : 





मखाने में बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने की क्षमता होती है। मखाना एंटी-एजिंग के साथ एंटी-आक्सीडेट से भी भरपूर होता हैं जो उम्र को रोकने में सहायता करता है। जिस वजह से आप लंबे समय तक जवां बने रहते हो। झुर्रियां और बालों का सफेद होना भी मखाने से कम हो जाते हैं।
.डायबिटीज में लाभदायक :
 जिन लोगों को मधुमेह की समस्या है उनके लिए मखाना किसी दवा से कम नहीं है। मखाना खाने से इंसुलिन का बहाव शरीर में कम हो जाता है। मखाना खट्टा और मीठा होता है। जिसे खाने से डायबिटीज की रोकथाम होती है।
बढ़ती उम्र को रोकता है,
.अच्छी नींद और तनाव में मखाना :
 रात को दूध में मखाने डालकर खाने से आपको अच्छी नींद आती है। यह शरीर की कमजोरी को दूर करता है साथ ही तनाव को भी खत्म कर देता है।
.दिल की बीमारी में मखाना :

 मखाने में एस्ट्रीजन गुण होते हैं जो आपको दिल के रोगों से बचाता है।
.पाचन और पेट संबंधी परेशानी : 
मखाना खाने से पेट और पाचन तंत्र दोनों ठीक रहता है। हर उम्र के लोगों को यह आसानी से पच जाता है। जिन लोगों को भूख नहीं लगती है उनहें मखाना जरूर खाना चाहिए। यह भूख को बढ़ाता है। दस्त या पेचिश में मखाने को देसी घी के साथ भूनकर खाने से राहत मिलती है।
मखाना उपजाने  की विधि :
मखाने के क्षुप कमल की तरह होते हैं और उथले पानी वाले तालाबों और सरोवरों में पाए जाते है। मखाने की खेती के लिए तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तथा सापेक्षिक आर्द्रता 50 से 90 प्रतिशत होनी चाहिए।
मखाने की खेती के लिए तालाब चाहिए होता है जिसमें 2 से ढाई फीट तक पानी रहे। इसकी खेती में किसी भी प्रकार की खाद का इस्तेमाल नहीं किया जाता। खेती के लिए, बीजों को पानी की निचली सतह पर 1 से डेढ़ मीटर की दूरी पर डाला जाता है। एक हेक्टेयर तालाब में 80 किलो बीज बोए जाते हैं।
बुवाई के महीने दिसंबर से जनवरी के बीच के होते है। बुवाई के बाद पौधों का पानी में ही अंकुरण और विकास होता है। इसकी पत्ती के डंठल एवं फलों तक पर छोटे-छोटे कांटे होते हैं। इसके पत्ते बड़े और गोल होते हैं और हरी प्लेटों की तरह पानी पर तैरते रहते हैं।
अप्रैल के महीने में पौधों में फूल लगना शुरू हो जाता है। फूल बाहर नीला, और अन्दर से जामुनी या लाल, और कमल जैसा दिखता है। फूल पौधों पर कुछ दिन तक रहते हैं।




फूल के बाद कांटेदार-स्पंजी फल लगते हैं, जिनमें बीज होते हैं। यह फल और बीज दोनों ही खाने योग्य होते हैं। फल गोल-अण्डाकार, नारंगी के तरह होते हैं और इनमें 8 से 20 तक की संख्या में कमलगट्टे से मिलते जुलते काले रंग के बीज लगते हैं। फलों का आकार मटर के दाने के बराबर तथा इनका बाहरी आवरण कठोर होता है। जून-जुलाई के महीने में फल १-२ दिन तक पानी की सतह पर तैरते हैं। फिर ये पानी की सतह के नीचे डूब जाते हैं। नीचे डूबे हुए इसके कांटे गला जाते हैं और सितंबर-अक्टूबर के महीने में ये वहां से इकट्ठा कर लिए जाते हैं।

मखाना के आयुर्वेदिक गुण -
पाचन में सुधार करे :-
मखाना एक एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण, सभी आयु वर्ग के लोगों द्वारा आसानी से पच जाता है। बच्‍चों से लेकर बूढे लोग भी इसे आसानी से पचा लेते हैं। इसका पाचन आसान है इसलिए इसे सुपाच्य कह सकते हैं। इसके अलावा फूल मखाने में एस्‍ट्रीजन गुण भी होते हैं जिससे यह दस्त से राहत देता है और भूख में सुधार करने के लिए मदद करता है।
एंटी-एजिंग गुणों से भरपूर :- 
मखाना उम्र के असर को भी बेअसर होता है। यह नट्स एंटी-ऑक्‍सीडेंट से भरपूर होने के कारण उम्र लॉक सिस्‍टम के रूप में काम करता है और आपको बहुत लंबे समय तक जवां बनाता है। मखाना प्रीमेच्‍योर एजिंग, प्रीमेच्‍योर वाइट हेयर, झुर्रियों और एजिंग के अन्‍य लक्षणों के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद :-
 डायबिटीज चयापचय विकार है, जो उच्च रक्त शर्करा के स्तर के साथ होता है। इससे इंसुलिन हार्मोंन का स्राव करने वाले अग्न्याशय के कार्य में बाधा उत्‍पन्‍न होती है। लेकिन मखाने मीठा और खट्टा बीज होता है। और इसके बीज में स्‍टार्च और प्रोटीन होने के कारण यह डायबिटीज के लिए बहुत अच्‍छा होता है।
किडनी को मजबूत बनाये :-
 मखाने का सेवल किडनी और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। फूल मखाने में मीठा बहुत कम होने के कारण यह स्प्लीन को डिटॉक्‍सीफाइ करने, किडनी को मजबूत बनाने और ब्‍लड का पोषण करने में मदद करता है। साथ ही मखानों का नियमित सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर होती है और हमारा शरीर सेहतमंद रहता है।
दर्द से छुटकारा दिलाये :-




मखाना कैल्शियम से भरपूर होता है इसलिए जोड़ों के दर्द, विशेषकर अर्थराइटिस के मरीजों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद होता है। साथ ही इसके सेवन से शरीर के किसी भी अंग में हो रहे दर्द जैसे से कमर दर्द और घुटने में हो रहे दर्द से आसानी से राहत मिलती है।
नींद न आने की समस्या से छुटकारा :-
 मखाने के सेवन से तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है। रात में सोते समय दूध के साथ मखाने का सेवन करने से नींद न आने की समस्या दूर हो जाती है।
कमजोरी दूर करना :- 
मखानों का नियमित सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर होती है और हमारा शरीर सेहतमंद रहता है। मखाने में मौजूद प्रोटीन के कारण यह मसल्स बनाने और फिट रखने में मदद करता है।
*मखाना शरीर के अंग सुन्‍न होने से बचाता है तथा घुटनों और कमर में दर्द पैदा होने से रोकता है।
*प्रेगनेंट महिलाओं और प्रेगनेंसी के बाद कमजोरी महसूस करने वाली महिलाओं को मखाना खाना चाहिये।
*मखाना का सेवन करने से शरीर के किसी भी अंग में हो रही दर्द से राहत मिलती है।
*मखाना का सेवन करने से शरीर में हो रही जलन से भी राहत मिलती है।
*मखाना को दूध में मिलाकर खाने से दाह (जलन) में आराम मिलता है।
* मखानों के सेवन से दुर्बलता मिटती है तथा शरीर पुष्ट होता है।
*वीर्य की कमी, मर्दाना कमजोरी, शुक्रमेह में इसे हलवे के साथ खाना चाहिए।
आटे, घी, चीनी के हलवे मखाने डाल कर खाने से गर्भाशय की कमजोरी और प्रदर की समस्या दूर होती है।






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