Friday, November 18, 2016

बची हुई चाय पत्ती के जबर्दस्त उपयोग




     हमारे देश में शायद ही ऐसा कोई घर होगा जिसमे कि चाय नहीं बनती है। अधिकतर लोगों की सुबह की शुरुआत गर्मागम चाय के साथ होती है। अक्सर हम चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती को डस्टबिन में डाल देते है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह यूजलेस चायपत्ती हमारे और कोई काम आ सकती है, नहीं ना। आज हम आपको बताते है इन चाय की पत्तियों का इस्तेमाल आप कैसे कर सकते है। ये चाय की पत्तियां हमारी सेहत के साथ-साथ कुछ घुरेल कामों में भी आसानी काम में लाई जा सकती है।
जानते है चाय की पत्ती के फायदे
*बालों में चमक और दमक के लिए यूज होने वाली चायपत्ती बेहद ही फायदेमंद होती है। यह एक तरह से प्राकृतिक कंडिशनर का काम करती है। चाय की बची हुई पत्तियों को एक बार धो लें और इन्हें दोबारा पानी में 

उबाल लें। और फिर इस पानी से अपने बालों को साफ करें। नियमित ऐसा करने से बालों में प्राकृतिक चमक आएगी।
चोट पर भी असरदार
चाय-पत्ती चोट को ठीक करने के लिए भी काफी असरदार मानी जाती है, क्योंकि इसमें एक एंटीआक्सीडेंट तत्व होता है, जो घाव को ठीक करने का काम करता है। उसी तरह चाय पत्ती को भी घाव पर लगाने से वो जल्द ठीक हो जाता है। आइये जानते है किस तरह इसे घाव पर लगा सकते है

आप चाय पत्ती को बॉईल कर उसे घाव पर लगा सकते है।
चाय पत्ती के पानी को आप अपने घाव के ऊपर लगा सकते है।
चाय पत्ती को चोट पर लगाने से आप इन्फेक्शन से भी बच सकते है।
*चाय की पत्ती में थोड़ा सा विम पाउडर मिलाकर क्राकरी साफ करें। उसमें चमक आ जाएगी।
गमले में पौधों को समय-समय पर खाद की जरूरत होती है। ऐसे में आप बची हुई चायपत्ती को साफ कर लें और गमले में डाल दें। इससे आपके पौधे स्वस्थ रहेगें।




*जिस स्थान पर अधिक मक्खियां बैठ रही हों। वहां धोयी हुई चाय की पत्ती को गीला करके रगड़ दें।
*चाय की पत्ती में एंटीआक्सीडेंट होता है और इसे हम चोट और घावों को भ्भ्भरने के लिए काम में ले सकते है। इसके लिए सबसे पहले आप चायपत्तियों को उबाल लें और इसे चोट के ऊपर लगा दें। या फिर आप चायपत्ती के पानी से चोट और घावों को धो सकते हैं। यह संक्रमण से भी आपको बचाती है।
पैरों की बदबू दूर करें
कई लोग पैरों की बदबू या दुर्गन्ध से बहुत परेशान रहते है। लेकिन आप चाय पत्ती के इस्तेमाल से इस समस्या का निराकरण कर सकते है। आप चाय की पत्तियो को पानी में डाल कर बॉईल कर ले और ठंडा हो जाने पर इस पानी को किसी बर्तन में निकाल लें। अब उस पानी में अपने पैरों को कुछ देर तक रखे। ऐसा रोजाना करने से आपको इस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
डार्क सर्कल हटाएं
आज कल लोगों को डार्क सर्कल होना एक आम बात हो गयी है। जिससे वो बहुत परेशान रहते है, क्योंकि ये आँखे के नीचे होते है और चेहरे पर बड़े गंदे दिखते है। घबराइये मत हम आपको बता रहे है इस समस्या से निजात पाने का तरीका।
आप टी-बैग को अपनी आँखों पर कुछ दर तक रखे और ऐसा करने से इसमें मौजूद कैफीन आंखों के नीचे के काले घेरे को कम करने में मदद करता है।
2. चायपत्ती का इस्तेमाल में हम लकड़ी के बने सामानों को चमकदार बनाने में भी कर सकते है। चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती को दोबार में पानी में उबालकर किसी शीशी में भरकर रख लें। इससे लकड़ी के बने सामानों की सफाई करने से उनमें शानदार चमक आती है।
* आप चायपत्ती का इस्तेमाल काबुली चना बनाने के लिए भी कर सकते हैं। इसके लिए आप चायपत्तियों को सुखा लें और काबुली चना बनाते समय उबलते हुए पानी में चायपत्ती की पोटली को उसमें डाल दें। ऐसा करने से काबुली चनों का रंग अधिक आकर्षक दिखता है।




* बालों में चमक और दमक के लिए यूज होने वाली चायपत्ती बेहद ही फायदेमंद होती है। यह एक तरह से प्राकृतिक कंडिशनर का काम करती है। चाय की बची हुई पत्तियों को एक बार धो लें और इन्हें दोबारा पानी में उबाल लें। और फिर इस पानी से अपने बालों को साफ करें। नियमित ऐसा करने से बालों में प्राकृतिक चमक 
आएगी।
दाँतो के दर्द से राहत
चाय पत्ती दाँतो के दर्द से भी निजात दिलाता है। इसके लिए सबसे पहले आप एक बर्तन में ठंडे पानी को रख उसमे टी-बैग को भीगा दें। अब उस टी-बैग को अपने दाँतो पर लागए जहाँ दर्द हो रहा हो। इसे लगाते ही आपको तुरंत राहत महसूस होगी।
* चाय की पत्ती में थोड़ा सा विम पाउडर मिलाकर क्राकरी साफ करें। उसमें चमक आ जाएगी।
* गमले में पौधों को समय-समय पर खाद की जरूरत होती है। ऐसे में आप बची हुई चायपत्ती को साफ कर लें और गमले में डाल दें। इससे आपके पौधे स्वस्थ रहेगें।
*. जिस स्थान पर अधिक मक्खियां बैठ रही हों। वहां धोयी हुई चाय की पत्ती को गीला करके रगड़ दें।
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