Thursday, September 8, 2016

सिर्फ एक दिन मे बवासीर का रामबाण उपचार: Cure hemorrhoids in just one day of treatment



बवासीर मुख्यत दो प्रकार की होती हैं। खुनी बवासीर और बादी बवासीर। खुनी बवासीर में मस्से सुर्ख होते हैं, और उनसे खून गिरता हैं, जबकि बादी बवासीर में मस्सो में खाज, पीड़ा और सूजन बहुत होती हैं। अतिसार, संग्रहणी और बवासीर-ये तीनो एक दूसरे को पैदा करते हैं। जो लोग बवासीर से बहुत परेशान हैं, वो शौच करने के बाद मलद्वार में ऊँगली डाल कर सफाई करे तो कभी बवासीर नहीं होगी। ये थोड़ा अटपटा लगता हैं, मगर ऐसा करने से आप तारो ताज़ा महसूस करेंगे, और आपको बवासीर की शिकायत नहीं होगी। इसके बाद आप सरसों का तेल भी ऊँगली की सहायता से अंदर लगाये, इसको गणेश किर्या भी कहा जाता हैं।
 मस्से मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं।
ग्रेड प्रथम - मल के साथ खून आता है, परन्तु नसों का गुच्छा बाहर नहीं आता।
ग्रेड द्वितीय - नसों का गुच्छा बाहर आता है, परन्तु अपने आप अंदर चला जाता है।
ग्रेड तृतीय - नसों का गुच्छा बाहर आता है, अंगुलियों से वापस अंदर करना पड़ता है।
ग्रेड चतुर्थ - नसों का गुच्छा बाहर ही रहता है। वापस अंदर नहीं जाता।
कोई भी व्यक्ति स्वयं इसकी ग्रेड का अनुमान लगा सकता है। मस्सों का मुख्य लक्षण मल में खून आना अथवा मल विसर्जन में जलन पैदा होना होता है।
शौच के समय खून आना – ख़ूनी दस्त का घरेलु इलाज।
Bleeding in Toilet.
शौच के समय खून आना आमतौर पर बवासीर की वजह से हो सकता है। फिशर की वजह से भी ऐसा हो सकता है। शौच करते समय तीक्षण दर्द भी हो सकता है। अधिक तीखा मिर्च मसाला खाने की वजह से ये हो सकता है। ऐसे में मरीज को तुरई कि सब्जी अधिक खानी चाहिए, और पेट में कब्ज नहीं रहने देनी चाहिए। ऐसे में इस रोग के लिए आप निम्नलिखित प्रयोग करेंगे तो आपको बहुत जल्दी आराम आएगा। आइये जाने।
खुनी दस्त का घरेलु इलाज।
बेलगिरी (बेल – बिल्व का फल) दस ग्राम, सुखा धनिया दस ग्राम और मिश्री बीस ग्राम लेकर पीस ले। तीनो चीजे मिलाकर 5 ग्राम चूर्ण ताजा पानी से दिन में तीन बार खिलाने पर बहुत शीघ्र लाभ होता है।
विकल्प
12 ग्राम धनिया (शुष्क दाना) पिसा हुआ चूर्ण लेकर इस में 12 ग्राम मिश्री मिलाकर आधा कप पानी में घोलकर पीने से दस्त में खून आना बंद होता है।
सबसे महत्वपूर्ण है योगा प्राणायाम-
अगर आप पहले दिन से ही इस रोग में आराम चाहते हैं तो सुबह शौच करने के बाद कम से कम १५ से ३० मिनट कपाल भाति प्राणायाम ज़रूर करें।
:बढ़िया नुस्खा -
3 ग्राम सफ़ेद (पापड़ी) कत्था लें और उसे पीस लें, या फिर पिसा हुआ ही पंसारी के यहाँ से ले आएं. एक नीम्बू को काटकर बीच में कत्था रखें और दोनों टुकड़ों को मिला कर धागे से बाँध दें. इसे रात में खुले में रख दें (छत, या बालकनी में). अगर आवश्यक समझें तो पतले मलमल के कपडे या दुपट्टे से ढक दें. सुबह इसे (इसके रस और कत्थे को) खा/पी जाएं. इसके एक घण्टे तक कुछ न खाएं-पीयें.
भगवान ने चाहा तो खून आना एक दिन में ही बंद हो जायेगा. अधिक से अधिक तीन दिन में बबासीर ठीक हो जाती है. वैसे तो आवश्यकता नहीं पड़ती, पर सात दिन तक ले सकते हैं.
परहेज़ : गरम तासीर की चीजें, शराब, मिर्च, अधिक मसाले, तला, आचार -पापड़, आदि.
बवासीर  के मस्सो पर लेप-





बवासीर के मस्सो पर लेप करने के लिए निम्नलिखित उपचार अपनाने चाहिए, ताकि शीघ्र ही इस कष्ट से मुक्ति मिले।
*हल्दी और कड़वी तोरई का लेप सभी प्रकार के मस्सो के लिए लाभदायक है। ये मस्सो को नष्ट करता हैं।
*आक और सहजन के पत्तो का लेप भी मस्सो को नष्ट करता हैं।
*नीम और कनेर के पत्तो का लेप मस्सो को खत्म करता हैं।
*कड़वा घीया और गुड को कांजी में पीसकर लेप करे। इस से मस्से नष्ट होते हैं।
*तम्बाकू के पत्ते महीन पीसकर मस्सो पर लगाने से ये शीघ्र ही नष्ट होते हैं।
*नीम और पीपल के पत्तो का लेप करने से मस्से नष्ट होते हैं।
*बड़ (बरगद) के पीले पत्ते जलाकर उनकी ६ मासे राख सरसों के तेल में मिलकर लेप करने से बवासीर के मस्से नष्ट होते हैं।
*गाय के घी में कुचला घिसकर लेप करने से, बवासीर के घाव ठीक हो जाते हैं।

*प्याज के छोटे छोटे टुकड़े कर के धुप में सुखा ले। सूखे टुकड़ो में से एक तोला प्याज ले कर गाय के घी में तले। बाद में एक माशा तिल और दो तोले मिश्री उसमे मिला कर रोज़ सुबह खाए। ये भी बवासीर का शर्तिया इलाज हैं।
मूली
मूली का नियमित सेवन दोनों बवासीर को ठीक कर देता हैं।

मट्ठा
बवासीर में मट्ठा अमृत सामान हैं। लेकिन बिना सेंधा नमक मिलाये इसको नहीं पीना चाहिए। यदि बवासीर के रोगी को अपच हो तो उसको मट्ठा नियमित नियमपूर्वक पीना चाहिए।





गुड हरड़
गुड के साथ हरड़ खाने से बवासीर का तत्काल नाश होता हैं।
बकरी का दूध-
सुबह सवेरे रोज़ बकरी का दूध पीने से बवासीर का नाश होता हैं।
केला और कत्था
पके केले को बीच में से चीरकर दो टुकड़े कर ले और उस पर कत्था पीसकर, थोड़ा थोड़ा बुरक ले। कत्था बाजार से पिसा पिसाया मिल जाता हैं। इस के बाद केले के उन टुकड़ो को खुली जगह पर आसमान के नीचे रख दे। सुबह होने पर खाली पेट उन टुकड़ो का सेवन करे। एक हफ्ते ये प्रयोग करे, कैसी भी बवासीर हो, नष्ट हो जाती हैं।
तुरई
आधा किलो तुरई को बारीक काटकर २ लीटर पानी में उबाल लिया जाए और छान लिया जाए और प्राप्त पानी में1 बैंगन को पका लें। बैंगन पक जाने के बाद इसे घी में भूनकर गुड़ के साथ खाने से बवासीर में बने दर्द तथा पीड़ा युक्त मस्से झड़ जाते हैं। ये प्रयोग ३ से 5 दिन तक करे। और इस को करने से पहले और बाद में एक घंटे तक कुछ न खाए।
नारियल की जटा
नारियल की जटा लीजिए। उसे माचिस से जला दीजिए। जलकर भस्म बन जाएगी। इस भस्म को शीशी में भर कर ऱख लीजिए। कप डेढ़ कप छाछ या दही के साथ नारियल की जटा से बनी भस्म तीन ग्राम खाली पेट दिन में तीन बार सिर्फ एक ही दिन लेनी है। ध्यान रहे दही या छाछ ताजी हो खट्टी न हो। कैसी और कितनी ही पुरानी पाइल्स की बीमारी क्यों न हो, एक दिन में ही ठीक हो जाती है।
जीरा





जीरे को भूनकर उसमे ज़रूरत अनुसार मिश्री मिलाकर मुंह में डालकर चूसे और बिना भूने जीरे को पानी के साथ पीसकर बवासीर के मस्सो पर लेप करे। इन दोनों उपचारो से बवासीर की पीड़ा में निश्चित शांति मिलती हैं।
नीम्बू
खुनी बवासीर में नीम्बू को बीच में चीरकर उस पर चार ग्राम कत्था पीसकर बुरक दे और use raat में छत पर रख दे। सुबह इनको चूस लीजिये। ये प्रयोग पांच दिन करे। खुनी बवासीर के लिए ये उत्तम प्रयोग हैं।
रीठा और सफ़ेद मूसली
पचास ग्राम रीठे तवे पर रख कर कटोरी से ढक दीजिये और तवे के नीचे आग जल दे। एक घंटे में रीठे जल जाएंगे। ठंडा होने पर रीठो को खरल कर ले या सिल पर बारीक पीस ले। इसके बाद सफ़ेद कत्थे का चूर्ण बीस ग्राम और कुश्ता फौलाद तीन ग्राम ले कर उसमे रीठे का बीस ग्राम भस्म मिला दे। उसे सुबह शाम एक एक ग्राम मक्खन के साथ खाए। ऊपर से गर्म दूध पी ले। दोनों ही प्रकार की बवासीर में दस पंद्रह दिनों में आराम आ जाएगा। गुड, गोश्त, शराब, आम और अंगूर का परहेज करे।
       इस पोस्ट में दी गयी जानकारी आपको अच्छी और लाभकारी लगी हो तो कृपया लाईक,कमेन्ट, शेयर जरूर कीजियेगा । आपके एक शेयर से किसी जरूरतमंद तक सही जानकारी पहुँच सकती है साथ ही हमको भी आपके लिये और अच्छे लेख लिखने की प्रेरणा मिलती है|






Post a Comment

Featured Post

किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार //Kidney failure, information and treatment

किडनी कैसे काम करती है? किडनी एक बेहद स्पेशियलाइज्ड अंग है. इसकी रचना में लगभग तीस तरह की विभिन्न कोशिकाएं लगती हैं. यह बेहद ही पतली...