17.9.16

कमर दर्द कारण ,घरेलू चिकित्सा / Home Remedies for Waist Pain/





लगभग ८०% लोग अपने जीवन में कभी न कभी कमर दर्द से परेशान होते हैं। कमर दर्द नया भी हो सकता है और पुराना रोग भी हो सकता है। नया रोग कमर की मांसपेशियों का असंतुलित उपयोग करने से उत्पन्न होता है। रोग पुराना होने पर वक्त बेवक्त कमर दर्द होता रहता है और उसके कारण का पता नहीं चलता है। यह दर्द कभी-कभी इतना भयंकर होता है कि रोगी तडफ़ उठता है,बैठना-उठना और यहां तक कि बिस्तर में करवट बदलना भी कठिन हो जाता है।सतही तौर पर देखने पर कमर में होने वाला दर्द भले ही एक सामान्य सी मेडिकल स्थिति लगता है, लेकिन इसे नज़र अंदाज करने से समस्या काफी बढ़ सकती है।

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* शरीर के अंगों जैसे गुर्दे में इन्फ़ेक्शन,पोरुष ग्रंथि की व्याधि,स्त्रियों में पेडू के विकार ,मूत्राषय के रोग और कब्ज की वजह से कमर दर्द हो सकता है। गर्भवती स्त्रियों में कमर दर्द आम तौर पर पाया जाता है। गर्भ में बच्चे के बढने से भीतरी अंगों पर दवाब बढने से कमर दर्द हो सकता है।
* कमर दर्द में लाभकारी घरेलू उपचार किसी भी आनुषंगिक दुष्प्रभाव से मुक्त हैं और असरदार भी है। देखते हैं कौन से हैं वे उपचार जो कमर दर्द राहत पहुंचाते हैं--
* कमर दर्द पुराना हो तो शरीर को गर्म रखें और गरम वस्तुएं खाऎं।
*दर्द वाली जगह पर बर्फ़ का प्रयोग करना हितकारी उपाय है। इससे भीतरी सूजन भी समाप्त होगी। कुछ रोज *बर्फ़ का उपयोग करने के बाद गरम सिकाई प्रारंभ कर देने के अनुकूल परिणाम आते हैं।
*भोजन मे टमाटर,गोभी,चुकंदर,खीरा ककडी,पालक,गाजर,फ़लों का प्रचुर उपयोग करें।
*नमक मिलें गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। पेट के बल लेटकर दर्द के स्थान पर तौलिये द्वारा भाप लेने से कमर दर्द में राहत मिलती है।


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* भोजन में पर्याप्त लहसुन का उपयोग करें। लहसुन कमर दर्द का अच्छा उपचार माना गया है।
गूगल कमर दर्द में अति उपयोगी घरेलू चिकित्सा है। आधा चम्मच गूगल गरम पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करें।
२ ग्राम दालचीनी का पावडर एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में दो बार लेते रहने से कमरदर्द में शांति मिलती है।
*रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन—चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियाँ काली न हो जायें) गर्म कर लें फिर ठंडा कर इसकी पीठ—कमर में मालिश करें।
* कढ़ाई में दो—तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। थोड़े मोटे सूती कपड़े में यह गरम नमक डालकर पोटली बांध लें। कमर पर इसके द्वारा सेक करें।
*चाय बनाने में ५ कालीमिर्च के दाने,५ लौंग पीसकर और थौडा सा सूखे अदरक का पावडर डालें। दिन मे दो बार पीते रहने से कमर दर्द में लाभ होता है।


*वात रोगों के प्राकृतिक ,आयुर्वेदिक घरेलू उपचार*

* सख्त बिछोने पर सोयें। औंधे मुंह पेट के बल सोना हानिकारक है।

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