7.2.16

किशमिश खाने के फायदे Benefits of raisins








      अंगूर को एक विशेष प्रक्रिया के तहत सुखाकर किशमिश बनाया जाता है इसलिए इसमें वो सभी गुण पाए जाते हैं जो अंगूर में होते हैं. किशमिश का इस्तेमाल मुख्य रूप से मीठाई, खीर और दूसरी मीठी चीजों को सजाने या स्वाद के लिए किया जाता है. पर एक बेहतरीन स्वाद के अलावा ये सेहत का भी खजाना है.
किशमिश खाना स्वास्थ्य के लिए वरदान है. खासतौर पर सर्दियों में इसके सेवन से कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है:



1. किशमिश के सेवन से कब्ज में फायदा होता है. अगर आपको कब्ज की समस्या है तो इसके सेवन से फायदा होगा.
2. अगर आपका वजन बहुत कम है और आप वजन बढ़ाने को लेकर फिक्रमंद हैं तो किशमिश का सेवन आपके लिए फायदेमंद होगा. इसमें पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है जिससे ताकत तो मिलती है ही साथ ही इसमें मौजूद तत्व वजन बढ़ाने में सहायक होते हैं.
3. किशमिश में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है. खून के निर्माण के लिए आवश्यक विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की आवश्यकता होती है. किशमिश में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है. ऐसे में खून की कमी होने पर किशमिश का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है.

















4. किशमिश कामेच्छा को प्रोत्साहित करने में भी कारगर है. यौन दुर्बलता को दूर करने के लिए भी किशमिश का सेवन किया जाता है.






5. किशमिश में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हड्डियों को मजबूती देने का काम करते हैं. अगर आपको घुटने में दर्द की शिकायत है तो भी किशमिश का सेवन फायदेमंद होगा.
6. किशमिश में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो आंखों की रोशनी के बहुत फायदेमंद होता है.
वजन बढ़ाने में उपयोगी
जो लोग अपना वजन बढ़ाने के बारे में सोच रहे है| उन्हें बतादे की किशमिश उनके लिए बेहद फायदेमंद है| किशमिश में भरपूर मात्रा में फ्रुक्टोज और ग्लूकोज पाया जाता हैं। जो एनर्जी देने के साथ साथ वजन बढ़ाने में भी मदद करता है। अगर आप सही प्रकार से वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो बिना इन्तेजार किये आज से ही किशमिश खाना शुरु कर दें।



एनीमिया-

किशमिश में काफी मात्रा में आयरन होता है जो कि एनीमिया से लड़ने की शक्‍ति रखता है। दरहसल खून को बनाने के लिये विटामिन बी कॉमप्‍लेक्‍स की जरुरत पढ़ती है और किशमिश इस कमी को पूरी करती है। इसके अलावा इसमें मौजूद कॉपर भी खून में लाल रक्‍त कोशिका को बनाने में मदद करता है|

बुखार ठीक करे-

आपने अक्सर देखा होगा की जब किसी को बुखार होता है तो उसे किशमिश खाने की सलाह दी जाती है| दरहसल किशमिश में मौजूद फिनॉलिक पायथोन्‍यूट्रियंट जो कि जर्मीसाइडल, एंटी बॉयटिक और एंटी ऑक्‍सीडेंट तत्‍वों की वजह से जाने जाते हैं, वो वाइरल तथा बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन से लड़ कर बुखार को जल्‍द ठीक कर देते हैं।

पाचन तंत्र सुचारू करे-

रोजाना किशमिश का सेवन करने से आपका हाजमा ठीक रहता है और पाचन तंत्र भी सुचारू रूप से कार्य करता है| किशमिश लैक्सटिव के रूप में कार्य करती है। यह पेट में जाकर पानी को अवशोषित करती है, जिसके फलस्वरूप कब्‍ज से राहत मिलती है| किशमिश में पाये जाने वाले फाइबर गैस्ट्रोइंटेस्टिनल मार्ग से विषाक्त और अपशिष्‍ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं।

आँखों के लिए फायदेमंद-

किशमिश में विटामिन ए, ए-कैरोटीनॉइड और ए-बीटा कैरोटीन मौजूद होता है, जो कि आँखों को फ्री रैडिकल्‍स से लड़ने में मदद करता है। इसमें एंटी ऑक्‍सीडेंट गुण भी पाये जाते है| किशमिश खाने से मोतियाबिंद, उम्र बढने की वजह से आँखों में आने वाली कमजोरी,मसल्स  डैमेज आदि नहीं होता।

शराब से छुटकारा-

किशमिश की मदद से आप शराब के नशे से छुटकारा पा सकते है| जब भी आपकी शराब पीने की इच्छा हो तब शराब की जगह 10 से 12 ग्राम किशमिश को चबा-चबाकर खाए या किशमिश का शरबत पियें। जहा एक तरफ शराब पीने से ज्ञानतंतु सुस्त हो जाते हैं वही किशमिश के सेवन से शीघ्र ही पोषण मिलता है जिसके चलते मनुष्य उत्साह, शक्ति और प्रसन्नता का अनुभव करने लगता है। यह प्रयोग लगातार करते रहने से कुछ ही दिनों में शराब छूट जायेगी।

कोलेस्ट्रोल घटाए-

बहुत कम लोग यह बात जानते है कि किशमिश पूरी तरह से कोलेस्‍ट्रॉल मुक्त होता है। किशमिश में घुलनशील फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होता है। यह घुलनशील फाइबर बुरे कोलेस्‍ट्रॉल का विरोध करता है| इसके अलावा किशमिश पोलीफेनोल्स एंजाइम को भी दबाता है जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल को अवशोषित के लिए जिम्मेदार होता है।
कैंसररोधी
कैंसर कोशिकाओं के विकास के लिए फ्री रेडिकल्‍स सबसे प्रमुख कारणों में से एक है| इसके अलावा यह मेटास्टेसिस को भी प्रोत्साहित करते हैं। किशमिश में उच्‍च स्‍तर में काट्चिंस तत्‍व होता है यह तत्‍व रक्त में पॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। एंटीऑक्‍सीडेंट शरीर के आस-पास रहने वाले फ्री रेडिकल्‍स को शरीर से बाहर निकालता है।
किशमिश के अन्य फायदे -
किशमिश में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता हैं जो कब्ज दूर करता हैं।
किशमिश आँखों के लिए भी बेहद फायदेमंद होता हैं।
किशमिश में आयरन पाया जाता हैं जो एनीमिया के उपचार में मदद करता है।
किशमिश कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है|
गठिया और गुर्दे की पथरी की समस्या से निजात दिलाने में भी किशमिश मदद करता है।
किशमिश मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता हैं। इससे कैविटी और दाँत क्षय को रोकने में मदद मिलती है|
किशमिश पोटेशियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्त्रोत हैं हैं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और रक्तचाप कम करने में मदद करता हैं।
इसमें भरपूर मात्रा में फ्रुक्टोज़ और ग्लूकोज पाया जाता हैं जो शरीर में ऊर्जा प्रदान करता हैं और वजन बढ़ाने में भी मदद करता हैं।
किशमिश संक्रमण के खिलाफ शरीर की रक्षा करता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट पेट के कैंसर के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।
किशमिश में औषधीय गुण.
कब्ज- –
 जब इस को खाया जाता है तो यह पेट में जा कर पानी को सोख लेती हैं। जिस वजह से यह फूल जाती है और कब्‍ज में राहत दिलाती है।
वजन बढाए :-
 हर मेवे की तरह यह भी वजन बढाने में मददगार साबित होती है क्‍योंकि इसमें फ्रकटोज़ और ग्‍लूकोज़ पाया जाता है जिससे एनर्जी मिलती है। अगर आपको भी अपना वजन बढाना है और वो भी कोलेस्‍ट्रॉल बढाए बिना तो आज से ही इस को खाना शुरु कर दें।
. अम्लरक्तता- 
जब खून में एसिड बढ जाता है तो यह परेशानी पैदा हो जाती है। इसकी वजह से स्‍किन डिज़ीज, फोडे़, गठिया, गाउट, गुर्दे की पथरी, बाल झड़ने, हृदय रोग, ट्यूमर और यहां तक ​​कि कैंसर होने की संभावना पैदा हो जाती है। किशमिश में अच्‍छी मात्रा में पोटैशियम और मैगनीशियम पाया जाता है
एनीमिया -
 इस में भारी मात्रा में आयरन होता है जो कि सीधे एनीमिया से लड़ने की शक्‍ति रखता है। खून को बनाने के लिये विटामिन बी कॉमप्‍लेक्‍स की जरुरत को भी यही किशमिश पूरी करती है। कॉपर भी खून में लाल रक्‍त कोशिका को बनाने का काम करता है।
बुखार -
 इस में मौजूद फिनॉलिक पायथोन्‍यूट्रियंट जो कि जर्मीसाइडल, एंटी बॉयटिक और एंटी ऑक्‍सीडेंट तत्‍वों की वजह से जाने जाते हैं, बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन तथा वाइरल से लड़ कर बुखार को जल्‍द ठीक कर देते हैं।






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