Monday, April 19, 2010

साईटिका रोग का सरल उपचार. how to cure sciatica ailment?



                                                   
                                                                                                                       
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यह समझ लेना आवश्यक है कि साईटिका किसी रोग का नाम नहीं है अपितु गद्ध्रसी नाडी मे विकार आ जाने से शरीर में पैदा होने वाले लक्षण समूह इस रोग को परिभाषित करते हैं । साईटिका नाडी के विस्तार -स्थलों में भयानक दर्द होने को ही रिंगणबाय या गद्धृसी वात कहा जाता है।साईटिका हमारे शरीर की सबसे बडी नर्व(नाडी) है जो हमारी ऊंगली के बराबर मोटी होती है। कमर की जगह स्थित रीढ की हड्डी की जगह पर असहनीय दर्द होता है। रीढ की ४ थी और ५ वीं कशेरुका की जगह से सियाटिका नाडी निकलती है। यह नाडी आगे चलकर कूल्हे,जांघ,घुटने ,टांग के पीछे के भाग में होती हुई पैर तक फ़ैली हुई होती है।
आम तौर पर यह रोग शरीर के दायें अथवा बायें एक साईड को ही प्रभावित करता है। दर्द धीमा,तेज अथवा जलन वाला हो सकता है। झुनझुनी और सुन्नपन के लक्षण भी देखने को मिलते हैं। बैठने और खडे होने में तकलीफ़ मालूम पडती है। खांसने और छींक आने पर दर्द तेज हो जाता है।
साईटिक नाडी के ऊपर दवाब की वजह से यह रोग होता है। इस नाडी की स्थायी क्षति या इसकी वजह से लकवा पड जाना बहुत कम मामलों में प्रकाशित होता है। फ़िर भी धड और टांगों की अतिशय कमजोरी अथवा मूत्राषय और अंतडियों की कार्यप्राणाली में ज्यादा खराबी आ जाने पर तुरंत जानकार चिकित्सक से संपर्क करना चाहिये।


    






साईटिका रोगी के लिये लाभदायक निर्देश और घरेलू पदार्थों से उपचार नीचे लिख रहा हूं--
रीढ की हड्डी पर अनावश्यक दवाब नहीं पडने दें। खडे रहते वक्त क्रमश: एक पैर और फ़िर दूसरा पैर स्टूल पर रखें। इससे टांग को आराम मिलेगा। ड्राइविंग के समय अपनी पीठ की जगह एक छोटा तकिया रखना लाभदायक रहता है।पीठ के बल सोते वक्त घुटनों के नीचे तकिया रखें लेकिन बाजू से लेटते वक्त दोनों घुटनों के बीच में तकिया रखें।

विशिष्ट परामर्श-

गठिया , संधिवात , कटिवात,साईटिका ,घुटनो की पीड़ा जैसे वात रोगों मे वैध्य श्री दामोदर 98267-95656 की जड़ी- बूटी निर्मित औषधि सर्वाधिक असरदार साबित होती है| बिस्तर पकड़े रोगी भी इस औषधि  से दर्द मुक्त सक्रियता हासिल करते हैं|
                                                                                                             

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