Tuesday, June 20, 2017

गठिया रोग का घरेलू उपचार

   उम्र बढ़ने पर अक्‍सर लोगों को गठिया की शिकायत होने लगती है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण बॉडी में यूरिक एसिड की अधिकता होना होता है। जब यूरिक एसिड बॉडी में ज्‍यादा हो जाता है तो वह शरीर के जोड़ो में छोटे - छोटे क्रिस्‍टल के रूप में जमा होने लगता है इसी कारण जोड़ो में दर्द और ऐंठन होती है। गठिया को कई स्‍थानों पर आमवात भी कहा जाता है।क्‍या है गठिया? जब हड्डियों के जोडो़ में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो वह गठिया का रूप ले लेता है। यूरिक एसिड कई तरह के आहारों को खाने से बनता है। रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाती है। इस रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है, इसलिए इस रोग को गठिया कहते हैं। यह कई तरह का होती है, जैसे-एक्यूट, आस्टियो, रूमेटाइट, गाउट आदि।
गठिया रोग का घरेलू उपचार
*गठिया के रोगी को हलदी, शक्कर तथा जौ के आटे के बने लड्डू बहुत लाभ पहुंचाते हैं।
*अगर गठिया रोग माह-दो माह पुराना हो गया है, तो 10 ग्राम पिसी हुई सोंठ को 100 ग्राम पानी में उबालें। पानी जब चौथाई भाग रह जाए, तो उसे गुनगुना करके रोगी को पिलाएं।

*ज्‍यादा से ज्‍यादा पानी पीना गठिया से पीडि़त होने पर ज्‍यादा से ज्‍यादा मात्रा में पानी पिएं। शुरूआत में बार बार पेशाब जाने पर आपको दिक्‍कत हो सकती है लेकिन कुछ दिनों में आराम मिल जाएगा।
*आधा किलो तिल के तेल में 10 ग्राम कपूर मिलाकर शीशी में भरें और कार्क लगाकर धूप में रख दें। जब कपूर तेल में घुलकर मिल जाए, तो गठिया के जोड़ों पर अच्छी तरह मालिश करें।



*सुबह के समय एक चम्मच लहसुन का रस और एक चम्मच शहद या देसी घी मिलाकर 40 दिन तक सेवन करें। यह गठिया रोग की बड़ी प्रसिद्ध दवा है।
*चार चुटकी गिलोय का चूर्ण तथा आधा चम्मच सोंठ, रोज सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करें।
*एक चम्मच पत्ता गोभी का रस, एक चम्मच चुकंदर का रस और एक चम्मच गांठ गोभी का रस लेकर उसमें जरा-सा काला नमक और पिसी हुई दो लौंगे डालकर सेवन करें।
*आम की गुठलियों की 100 ग्राम गिरी कुचलकर 250 ग्राम सरसों के तेल में अच्छी तरह पकाएं। फिर इस तेल को छानकर शीशी में भर लें। इस तेल की सुबह-शाम पूरे शरीर में मालिश करें।
*जोड़ों में दर्द होने पर सहजन की सब्जी का सेवन करें।
*सोंठ तथा गिलोय को बराबर की मात्रा में लेकर मोटा-मोटा कूट लें। इसे दो कप पानी में उबलने के लिए आंच पर रख दें। पानी जब आधा रह जाये, तो इसे छानकर पी लें। यह काढ़ा लगभग 40 दिन तक नित्य भोजन करने के थोड़ी देर बाद पिएं।

*बथुआ के ताजा पत्‍तों का रस बथुआ के ताजा पत्‍तों का रस हर दिन 15 ग्राम पिएं। इसमें स्‍वाद के लिए कुछ भी न मिलाएं। खाली पेट पीने से ज्‍यादा लाभ होता है। तीन महीने पीने से दर्द से हमेशा के लिए निजात मिल जाती है।
*असली हींग को पीसकर घी में मिला लें। फिर इससे जोड़ों की मालिश करें। यह स्नायुओं को मजबूत करता है तथा दर्द कम करता है।
*पीपल के पेड़ की 10 ग्राम छाल का काढ़ा बना लें। फिर उसमें शहद डालकर सेवन करें।
*लहसुन के रस में कपूर या यूकेलिप्टिस का तेल मिलाकर जोड़ों पर देर तक मालिश करें।
अड़ूसे के पत्तों को गर्म करके जोड़ों पर सिंकाई करें। यह गठिया की सूजन तथा दर्द, दोनों में बहुत उपयोगी है।
*अमरुद की पांच-छः नई पत्तियों को पीसकर उसमे जरा सा काला नमक डालकर नित्य सेवन करें।
*गठिया या अन्य किसी कारण से जोड़ों में दर्द हो, तो सरसों के तेल में पिपरमेंट का तेल मिलाकर लगाएं।
*गठिया की बीमारी में अखरोट का तेल जोड़ों पर मलें तथा इसका नित्य सेवन करें।
*करेले का रस निकाल कर गठिया वाले भागों पर लगाएं, तो सूजन कम हो जाती है। इसके साथ-साथ करेले के *रस में राई का तेल मिलाकर मालिश करने से काफी लाभ होता है।

*आलू का रस गठिया का दर्द होने पर हर दिन खाना खाने से पहले से दो आलूओं का रस निकाल लें और पिएं। हर दिन कम से कम शरीर में 100 मिली. रस पीने से आराम मिलेगा।



जावित्री 2 ग्राम तथा सोंठ आधा चम्मच । दोनों एक साथ गर्म पानी से रोगी को दें।
*बिनौले का तेल गठिया वाले स्थानों या जोड़ों पर मलने से काफी लाभ होता है।
*जोड़ों पर अदरक के रस को गर्म करके मलने से भी काफी लाभ होता है।
*गठिया के दर्द में नीम के तेल की जोड़ों पर मालिश तथा इन्हें पानी में उबाल कर स्नान करें।
*250 ग्राम सरसों का तेल, 10 ग्राम अजवायन, चार पूती लहसुन कुचलकर, दो लौंगों का चूर्ण, चुटकी भर अफीम । सबको तेल में मिलाकर आंच पर अच्छी तरह पकाएं। अजवाइन, लहसुन आदि जब जलकर काले पड़ जाएं, तो तेल को आंच से नीचे उतार कर छान लें। इस तेल की मालिश नित्य सुबह-शाम जोड़ों पर करें।
*एक चम्मच पिसी हुई सोंठ और आधा जायफल का चूर्ण। दोनों को पीसकर तिल के तेल में मिलाकर जोड़ों पर लगाएं।
*एक चम्मच मेथी का चूर्ण तथा 50 ग्राम गुड़ के सेवन से गठिया के रोगी को बहुत लाभ होता है।
लहसुन की चार कलियों को दूध में उबालकर पिएं।
*गठिया के रोगी को चौलाई की सब्जी खिलानी चाहिए।

*अरंडी के तेल की मालिश भंयकर दर्द होने पर अरंडी के तेल से मालिश कर लें, इससे दर्द में राहत मिलने के साथ - साथ सूजन में भी कमी आती है।
*दो कप पानी में 25 ग्राम सूखे आंवले तथा 50 ग्राम गुड़ डालकर उबालें। पानी जब एक कप बचा रह जाए, तो इसे छानकर पिएं।
*तुलसी के पत्तों का रस आधा चम्मच, पिसी हुई काली मिर्च के चार दानें, दो चुटकी काला नमक तथा दो चम्मच शहद। सबको मिलाकर नित्य 40 दिन तक पिएं।
*कायफल का तेल साधारण वात के लिए बहुत फायदेमंद है।
*प्याज के तेल में राई मिलाकर हाथ, पैर आदि के जोड़ों पर मालिश करें।
*लौंग के तेल को सरसों के तेल में मिलाकर मालिश करें।

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