Monday, May 1, 2017

फेफड़े को स्वस्थ रखने के उपाय और उपचार



पर्यावरण के हानिकारक पदार्थों से बचने के लिए नाक एक अनिवार्य सरंक्षक का काम करता है। फेफड़े/लंग्स इस कड़ी में दूसरी पंक्ति के रूप में काम करते हैं। फेफड़ों/लंग्स का स्वास्थ्य किसी भी तरह की बीमारियों से मुक्त रखना बहुत महत्वपूर्ण है। फेफड़ों का स्वास्थ अच्छा रखने के लिए सात तरीके दिए गए हैं।
फेफड़े/लंग्स आपको साँस लेने मेंमदद करते हैं। अस्वास्थ्यकर भोजन की आदत और आज की जीवनशैली लोगों को कई मायनों में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं। आपके शरीर और त्वचा के अन्य भागों की तरह, फेफड़ों की भी अच्छी तरह से देखभाल की जरूरत है। फेफड़ों और नसों के माध्यम से ऑक्सीजन की हमारे शरीर के हर हिस्से को आपूर्ति होती है। अगर फेफड़े अच्छी तरह से काम नहीं करें तो स्वास्थ्य की समस्याओं को जन्म देते हैं। हृदय रोधगलन, सांस की समस्या जैसे रोग हो सकते हैं।
शोधकर्ताओं को यह पता चला है की साधारण रोजमर्रा की सांस लेने से शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन का प्रवाह प्राप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं होता है। शरीर से विषाक्त पदार्थों को पूरी तरह से दूर करने के लिए फेफड़ों को हर दिन लगातार 20 मिनट तक तीव्र आंदोलन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा पर्यावरण का प्रदूषण, धूल और धूम्रपान आपके शरीर के भीतर अतिरिक्त विषाक्त पदार्थों को पैदा कर सकता है। आप आसानी से हर रोज सुबह तेज चलने की कसरत से अपने शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटा सकते हैं।
फेफड़ों की सफाई – स्वस्थ फेफड़ों के लिए सुझाव (Tips for healthy lungs)फेफड़ों की सफाई, चाय पिने से फेफड़ों के मेलानोमा से सुरक्षा होती है।
तंबाकू या किसी भी मादक पदार्थों का सेवन न करें। धुम्रपान से फेफड़ों/लंग्स का मेलानोमा तैयार होता है।
फेफड़ों की सफाई, धुम्रपान न करें। परिवार में और कोई धुम्रपान करता हो उनको भी ऐसा करने से रोकें।
कसरत करने से फेफड़ों की कार्य शक्ति बढती है। तेज चलना, दौड़ना, सीडियाँ चढ़ना,तैराकी करना ऐसी कसरतों से फेफड़ों का स्वास्थय बढ़ता है।
स्वस्थ फेफड़े, पोषक मूल्यों से भरपूर आहार लें। अनाज,तंतु से भरे पदार्थ,मछली,मुर्गी ऐसे पदार्थों से फेफड़ें स्वस्थ रहते हैं। ज्यादा पानी पिने से शरीर से विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं।
ऐसे पदार्थ न खाएं जिनमे अतिरिक्त चरबी और नमक हो।
फेफड़ों की सफाई, प्रदुषण युक्त वातावरण में काम करने से बचें।
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के तरीके (Ways to keep your lungs healthy)
फेफड़े का स्वास्थय – गहरी सांस लेना (Deep breathing)
नियमित रूप से गहरी सांस लेने से फेफड़ों/लंग्स की क्षमता बढती है। सांस अंदर लेते समय पेट फुलाएं।
फेफड़ों का स्वास्थय – शरीर की सही मुद्रा (Correct posture)
फेफड़ें/लंग्स काफी मुलायम होते हैं और शरीर के मुद्रा के अनुसार वह समाते हैं। अगर आप बैठते समय कंधे गिराकर बैठें तो फेफड़ों को फूलने की जगह नहीं मिलती। इसलिए अपना शरीर और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें।
फेफड़े का स्वास्थय – हँसना (Laughing)
हंसने से पेट की कसरत होकर फेफड़ों/लंग्स की क्षमता बढती है। हंसने से शरीर में ताज़ी हवा भर जाती है।
अपने घर में हवा की गुणवत्ता बढ़ाना (Improving indoor air)
ऐसी कई बातें हैं जिनकी वजह से आपके कमरे की हवा बिगड़ सकती है। सर्दियों में कमरे में कोयला जलाने से प्रदुषण होता है। लकड़ी जलाकर खाना पकाने से भी प्रदुषण होता है।



फेफड़े का स्वास्थय – सही आहार लेना (Consuming right food)

एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लेने से फेफड़ों का स्वास्थ बढ़ता है। पत्ता गोभी, फुल गोभी खाने से फेफड़ों का स्वास्थ सुधरता है।
स्वस्थ फेफड़े – काम की जगह पर होने वाले प्रदुषण से बचना (Creating a distance from occupational hazards)
काम की जगह हर स्तर के कर्मचारी को प्रदुषण का सामना करना पड़ता है। 15% लोगों को अस्थमा की समस्या होती है।
फेफड़ों का स्वास्थय – सुरक्षित उत्पादों का इस्तेमाल करें (Go for safe products)
अपने घर को साफ़ सुथरा रखें। ऐसा करते समय अपने फेफड़ों को सुरक्षित रखें। हानिकारक गैस और कणों से बचें।
व्यायाम (Exercise se fefdo ki dekhbhal)
अगर आपको फेफड़ों की कोई समस्या है तो इसे आप व्यायाम करके ठीक कर सकते हैं। स्वस्थ फेफड़े प्राप्त करने के लिए योग या सांसों का कोई व्यायाम करते रहें। अगर आप सांसों या फेफड़ों के किसी भी व्यायाम से अंजान हैं तो इसके लिए हमेशा ही किसी विशेषज्ञ व्यक्ति की सहायता प्राप्त करना अच्छा रहता है। वह विशेषज्ञ व्यक्ति आपको उस व्यायाम को सही प्रकार से करने के तरीके से अवगत करवाता है।
प्रदूषक तत्वों से बचकर रहें (Avoiding pollutants)
फेफड़ों के कैंसर (lung cancer) का एक बड़ा कारण प्रदूषण होता है। जब आप कहीं बाहर जाते हैं तो धूल के कण, कार्बन और आर्सेनिक (carbon and arsenic) आपके सांस लेने की वजह से आपके फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं। अतः इन प्रदूषक तत्वों से पूरी तरह बचकर रहने में ही समझदारी है। इसके लिए अपने मुंह और नाक को मास्क (mask) से ढककर रखें। यह मास्क आसानी से बाज़ार में उपलब्ध हो जाता है।
संक्रमण के दौरान बचाव के उपाय (Precautions during infection)
जब भी आपका शरीर किसी वजह से संक्रमित हो जाए तो आपके लिए बेहतर यही होगा कि इसे और भी ज़्यादा संक्रमण का शिकार होने से बचाया जा सके। इस समय संक्रमण और जीवाणुओं से बचाव के उपाय करने में ही समझदारी है। हमेशा खाना खाने से पहले अपने हाथों को साबुन से धोना ना भूलें। अगर आप सर्दी और खांसी से प्रभावित हैं तो आपके लिए उचित यही होगा कि भीड़भाड़ भरी जगहों में ना जाएँ। इसके अलावा अपने मुंह की साफ सफाई का भी पूरा ध्यान रखें
मुंह की साफ सफाई को बरकरार रखने के लिए अपने दांतों के चिकित्सक से निरंतर जांच करवाते रहें। हैजे और निमोनिया (pneumonia) के टीके भी सुरक्षा के लिए लगवा लें। अगर आप अपने फेफड़ों की सुरक्षा करना चाहते हैं तो इनकी भी निरंतर जांच करवाते रहें। इनसे आपको काफी अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।



खाएं ये आहार, फेफड़े रहेंगे स्वस्थ
ओमेगा-3 फैटी एसिड: 

ओमेगा-3 फैटी एसिड सामन मेवों और अलसी में पाया जाता है. ओमेगा-3 फैटी एसिड केवल हमारे फेफड़ों के लिए ही नहीं बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है. इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन दमे के रोगियों के स्वास्थ्य को सुधारता है. अस्थमा के रोगियों को सांस की तकलीफ और घरघराहट के लक्षणों से निजात दिलाता है. इसलिए इसे फेफड़ों के सेहत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है.
अनार:

 एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध अनार फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को हटाता है और शरीर में रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है. यह एंटीऑक्सीडेंट को प्राप्त करने का एक अच्छ तरीका है तथा इसके सेवन से कैंसर जैसी बीमारी आपसे दूरी बनाए रखेगी.
लहसुन: 

लहसुन में मौजूद एल्लिसिन नामक सत्व हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है. लहसुन में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर और फेफड़ों से मुक्त कणों को दूर करने में मदद करते हैं. लहसुन संक्रमण से लड़ने में मदद करता है यह फेफड़ों की सूजन को घटाते हैं. लहसुन, दमे के रोगियों के लिए अपने भोजन में शामिल करने योग्य एक अच्छा खाद्य पदार्थ है.
विटामिन सी: 

विटामिन सी से संपन्न फलों में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट सांस लेते वक्त शरीर के अन्य हिस्सों को ऑक्सीजन प्रदान करने में मदद करते हैं. संतरे, नींबू, टमाटर, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, 
अनानास और आम में विटामिन सी होता है. अपने फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए इन फलों की सहायता लें.



पत्तेदार सब्जियां: 

एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध पत्तेदार सब्जियां फेफड़ों में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकाल बाहर करती है. फेफड़ों के लिए आपको अपने आहार में गोभी, ब्रोकोली, और कोल्हाबी को शामिल करने की जरूरत है. आप इनका सेवन सलाद के रूप में या सब्जी के रूप में कर सकते हैं.
अदरक: 

अदरक भोजन में या चाय में लें, इसमें उपस्थित प्रज्वलनरोधी गुण प्रदूषण से आपके फेफड़ों की रक्षा करते हैं. इस तरह, यह आपको प्रदूषण से होने वाली सांस की बीमारियों से बचाता है.
अंगूर: 

इसमें एंटीऑक्सीडेंट और फ्लावोनॉयड मौजूद होता है. यह फल आपको तंदरूस्त बनाए रखता है. विटामिन व खनिजों से धनवान होने के कारण यह फल आपको कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है.

हल्दी: 

हल्दी में मौजूद कुरकुमिन नामक तत्व फेफड़ों के कैंसर का कारण बनने वाले सत्व को हटाता है. यह फेफड़ों की सूजन को घटाता है और अस्थमा के रोगियों को निजात दिलाता है.
पानी: 

पानी आपके फेफड़ों को हाइड्रेटेड रखता है और फेफड़ों सहित शरीर के सभी अंगों को लिए रक्त के परिसंचरण को बढ़ता है. पानी शरीर में मौजूद गंध को बाहर निकालता है.
सेब: यह लाल रसीला फल आपको फेफड़ों के कैंसर की बीमारी से दूर रखता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व, फ्लावोनॉयड, एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन आपके फेफड़ों की सेहत को सुधारते हैं. यह फल आपको रोग मुक्त रहने में मदद करता है.
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