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08 May 2010

कब्ज (कांस्टीपेशन) से मुक्ति पाने के सरल उपचार. How to fight constipation?

                                कब्ज मिटाने के सरल उपचार
                                                                      - डाँ.दयाराम आलोक
                                                                                                                                                                                              9926524852

          अनियमित खान-पान के चलते लोगों में कब्ज  एक आम बीमारी की तरह प्रचलित है। यह पाचन तन्त्र का प्रमुख विकार है।  कब्ज सिर्फ भूख ही कम नहीं करती  बल्कि  गेस ,एसिडिटी  व् शरीर में होने वाली अन्य कई समस्याएं पैदा कर  सकती है|  बच्चों से लेकर वृद्ध तक इस रोग से पीड़ित रहते हैं|

    मनुष्यों मे मल निष्कासन की फ़्रिक्वेन्सी अलग-अलग पाई जाती है। किसी को दिन में एक बार मल विसर्जन होता है तो किसी को दिन में २-३ बार होता है। कुछ लोग हफ़्ते में २ य ३ बार मल विसर्जन करते हैं। ज्यादा कठोर,गाढा और सूखा मल जिसको बाहर धकेलने के लिये जोर लगाना पडे यह कब्ज रोग का प्रमुख लक्षण  है।ऐसा मल हफ़्ते में ३ से कम दफ़ा आता है और यह इस रोग का दूसरा लक्षण  है। कब्ज रोगियों में पेट फ़ूलने की शिकायत भी साथ में देखने को मिलती है। यह रोग किसी व्यक्ति को किसी भी आयु में हो सकता है हो सकता है लेकिन महिलाओं और बुजुर्गों में कब्ज रोग की प्राधानता पाई जाती है।

       मैं नीचे कुछ ऐसे कब्ज निवारक उपचारों का उल्लेख कर रहा हूं जिनके समुचित  उपयोग से कब्ज का निवारण होता है और कब्ज से होने वाले रोगों से भी बचाव हो जाता है--

१)  कब्ज का मूल कारण शरीर मे तरल की कमी होना है। पानी की कमी से आंतों में मल सूख जाता है और मल निष्कासन में जोर लगाना पडता है। अत: कब्ज से परेशान रोगी को दिन मे २४ घंटे मे मौसम के मुताबिक ३ से ५ लिटर पानी पीने की आदत डालना चाहिये। इससे कब्ज रोग निवारण मे बहुत मदद मिलती है।

२)  भोजन में रेशे की मात्रा ज्यादा रखने से कब्ज निवारण होता है।हरी पत्तेदार सब्जियों और फ़लों में प्रचुर रेशा पाया जाता है। मेरा सुझाव है कि अपने भोजन मे करीब ७०० ग्राम हरी शाक या फ़ल या दोनो चीजे शामिल करें।

३)  सूखा भोजन ना लें। अपने भोजन में तेल और घी की मात्रा का उचित स्तर बनाये रखें। चिकनाई वाले पदार्थ से दस्त साफ़ आती है।


४)  पका हुआ बिल्व फ़ल कब्ज के लिये श्रेष्ठ औषधि है। इसे पानी में उबालें। फ़िर मसलकर रस निकालकर नित्य ७ दिन तक पियें। कज मिटेगी।















५)  रात को सोते समय एक गिलास गरम दूध पियें। मल आंतों में चिपक रहा हो तो दूध में ३ -४ चम्मच केस्टर आईल (अरंडी तेल) मिलाकर पीना चाहिये। हमेशा कब्ज से पीड़ित लोगों के लिए बादाम का तेल बेहतर विकल्प है| इससे आंत की कार्य  क्षमता  बढ़ती है | रात को सोते वक्त  गुन गुने दूध में बादाम  का तेल ३ ग्राम मिलाकर  सेवन करें|| तेल की मात्रा  धीरे - धीरे  बढ़ाक्र ६ ग्राम तक ले जाएँ| | ३०-४० दिन तक  यह प्रयोग करने से वर्षों से  चली आ रही  कब्ज भी  जड से खत्म हो जाती है|



६)  इसबगोल की की भूसी कब्ज में परम हितकारी है। दूध या पानी के साथ २-३ चम्मच इसबगोल की भूसी रात को सोते वक्त लेना फ़ायदे मंद है। दस्त खुलासा होने लगता है।यह एक कुदरती रेशा है और आंतों की सक्रियता बढाता है।





७)  नींबू कब्ज में गुण्कारी है। मामुली गरम जल में एक नींबू निचोडकर दिन में २-३बार पियें। जरूर लाभ होगा।











८)  एक गिलास दूध में १-२ चाम्मच घी मिलाकर रात को सोते समय पीने से भी कब्ज रोग का समाधान होता है।









९)  एक कप गरम जल मे १ चम्म्च शहद मिलाकर पीने से कब्ज मिटती है। यह मिश्रण दिन मे ३ बार पीना हितकर है।

१०)  जल्दी सुबह उठकर एक लिटर गरम पानी पीकर २-३ किलोमीटर घूमने जाएं। कब्ज का बेहतरीन उपचार है।





११)  दो सेवफ़ल प्रतिदिन खाने से कब्ज में लाभ होता है।










१२)  अमरूद और पपीता ये दोनो फ़ल कब्ज रोगी के लिये अमॄत समान है। ये फ़ल दिन मे किसी भी समय खाये जा सकते हैं। इन फ़लों में पर्याप्त रेशा होता है और आंतों को शक्ति देते हैं। मल आसानी से विसर्जीत होता है।








१३)  अंगूर मे कब्ज निवारण के गुण हैं । सूखे अंगूर याने किश्मिश पानी में ३ घन्टे गलाकर खाने से आंतों को ताकत मिलती है और दस्त आसानी से आती है। जब तक बाजार मे अंगूर मिलें नियमित रूप से उपयोग करते रहें।




१४)  अलसी के बीज का मिक्सर में पावडर बनालें। एक गिलास पानी मे २० ग्राम के करीब यह पावडर डालें और ३-४ घन्टे तक गलने के बाद छानकर यह पानी पी जाएं। बेहद उपकारी ईलाज है। अलसी में प्रचुर ओमेगा फ़ेटी एसिड्स होते हैं जो कब्ज निवारण में महती भूमिका निभाते हैं।






१५)  पालक का रस या पालक कच्चा खाने से कब्ज नाश होता है। एक गिलास पालक का रस रोज पीना उत्तम है। पुरानी से पुरानी कब्ज भी इस सरल उपचार से मिट जाती है।











१६)   अंजीर कब्ज हरण फ़ल है। ३-४ अंजीर फ़ल रात भर पानी में गलावें। सुबह खाएं। आंतों को गतिमान कर कब्ज का निवारण होता है।















१७) बड़ी  मुनक्का  पेट के लिए बहुत लाभप्रद होती है|  मुनका में कब्ज नष्ट करने के तत्व हैं। ७ नग मुनक्का रोजाना रात को सोते वक्त लेने से कब्ज रोग का स्थाई समाधान हो जाता है। एक तरीका ये है कि  मुनक्का को दूध में उबालें  कि दूध आधा रह जाए | गुन गुना दूध  सोने के आधे घंटे पाहिले सेवन करें | मुनक्का में पर्याप्त लोह तत्व होता है और दूध में आयरन  नहीं होता है  इसलिए दूध में   मुनक्का डालकर पीया जाय तो आयरन की भी  पूर्ती हो  जाती  है|
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सूचना-- उक्त लेख डा.अयाज अहमद  ने १७ फ़रवरी २०१२ को  कापी-पेस्ट कर अपने ब्लाग  http://drayazahmad.blogspot.in/  पर स्थापित कर लिया है। यह साईबर अपराध है।

http://rekha-singh.blogspot.  यह एक चोर ब्लोगर है । ज्योतिष विध्या के नाम से इसने मेरे कई चिकित्सा लेख कापी-पेस्ट कर उक्त ब्लोग पर स्थापित कर लिये हैं।
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18 comments:

Avtar Meher Baba said...

Good One....
Regards
Dr. Chandrajiit Singh
lifemazedar.blogspot.com
kvkrewa.blogspot.com
(Please download Mozila Firefox from Google Search for free and use ti for better viewing of these blogs)

नरेश चन्द्र बोहरा said...

बहुत ही उपयोगी जानकारी दी है आपने. बहुत बहुत धन्यवाद. और ऐसी ही जानकारीयों और नुस्खों का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा.

E-Guru Rajeev said...

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !


"टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

E-Guru Rajeev said...

आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

ramesh ashutosh said...

बहुत उपयोगी जानकारी के लिये धन्यवाद!

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

" बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
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rajubhai said...

very good article on constipation.thank you sir!

rajubhai said...

कब्ज पर आपका आलेख बेहद उपयोगी है। अब मैं आपके अन्य आलेख भी पढ रहा हूं।धन्यवाद,आभार!

ramesh ashutosh said...

waakai ina ghareloo nuskhoM se kabja jaroora miTa sakatee hai

vinod said...

कब्ज कई रोगों की जननी होती है। जुल्लब लेकर कब्ज ठीक करना संभव नहीं है।आंतों की शक्ति बढानी चाहिये जिससे मल बाहर धकेलने में सफ़ल हो सके। इस दिशा में इस लेख में बताए नुस्खे अधिक कामयाब होंगे ऐसा मेरा विश्वास है।

JAGDISH said...

कब्ज तोडने का सुन्दर लेख ।अभिवादन!

HAKEEM YUNUS KHAN said...

Nice post . I am taking this post with thanks a lot .

Anonymous said...

aap bahut achachi jankari de rahe hai thanks

Anonymous said...

बहुत ही उपयोगी जानकारी दी है आपने. बहुत बहुत धन्यवाद

arun said...

बेहतरीन लेख बेहतरीन नुस्खे। बहुत-बहुत आभार!

Akash Kumar said...

रोग मनुष्य का शत्रु होता है। उसे दूर करने के लिए आपके नुस्खे सराहनीय हैं।

Er. सत्यम शिवम said...

सूचनाः

"साहित्य प्रेमी संघ" www.sahityapremisangh.com की आगामी पत्रिका हेतु आपकी इस साहित्यीक प्रविष्टि को चुना गया है।पत्रिका में आपके नाम और तस्वीर के साथ इस रचना को ससम्मान स्थान दिया जायेगा।आप चाहे तो अपना संक्षिप्त परिचय भी भेज दे।यह संदेश बस आपको सूचित करने हेतु है।हमारा कार्य है साहित्य की सुंदरतम रचनाओं को एक जगह संग्रहीत करना।यदि आपको कोई आपति हो तो हमे जरुर बताये।

भवदीय,

सम्पादकः
सत्यम शिवम
ईमेल:-contact@sahityapremisangh.com

m khaleel said...

Thnx dr. Aap ne bhut achi jankari di